सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और उभरते कलाकारों को मिलेंगे गुरुमंत्र
धनबाद: कोयलांचल की जानी-मानी नाट्य संस्था ‘द ब्लैक पर्ल्स’ की ओर से आगामी 18 से 24 जुलाई 2026 तक एक सात दिवसीय राष्ट्रीय अभिनय कार्यशाला (एक्टिंग वर्कशॉप) का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों की तर्ज पर धनबाद में पहली बार इस स्तर की कार्यशाला होने जा रही है, जिसमें नाट्य अभिनय के साथ-साथ विशेष रूप से कैमरा एक्टिंग, वॉयस मॉड्यूलेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
एक प्रेस वार्ता के दौरान कार्यशाला की संयोजक शारदा गिरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की और बताया कि इस वर्कशॉप का एक मुख्य आकर्षण सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी होंगे, क्योंकि वर्तमान में रील्स, वीडियो स्टोरीज और यूट्यूब कंटेंट में अभिनय और कंटेंट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
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द ब्लैक पर्ल्स के संरक्षक और आयोजन मंडली के अध्यक्ष बिजय झा ने कहा:
“यह कार्यशाला रंगमंच और फिल्मों में करियर बनाने के इच्छुक सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी। हाल के वर्षों में पद्मश्री मनोज वाजपेयी की फिल्म जोरम, सौरभ शुक्ला और संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकारों ने झारखंड आकर शूटिंग की है। आने वाले दिनों में भी कई फिल्मों और वेब सीरीज का निर्माण होना है, जिसके लिए धनबाद के कलाकार इस कार्यशाला से खुद को तैयार कर सकते हैं।”
संस्था की अध्यक्ष और बॉलीवुड से जुड़ीं शारदा कुमारी गिरी लगातार प्रयासरत हैं कि धनबाद की प्रतिभाओं को इंडस्ट्री में उचित मंच मिले। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में अभिनय के विभिन्न आयामों के अलावा मेकअप, कॉस्ट्यूम, स्टेज डिजाइनिंग और कैमरा फेस करने की तकनीक सिखाई जाएगी। कार्यशाला में सीटें सीमित हैं (अधिकतम 50 प्रतिभागी) और इसमें शामिल होने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है।
इस प्रेस वार्ता में कोयलांचल भारत कोकिंग कोल नृत्य, संगीत एवं नाच संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद, आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव कैश आलम, आरोही नाट्य मंच के निर्देशक संजय भारद्वाज, संजीव कुमार प्रोडक्शन के संजीव कुमार, लाइन प्रोड्यूसर राम प्रवेश और किशोर झा मुख्य रूप से उपस्थित थे।
देश के ये नामचीन दिग्गज देंगे प्रशिक्षण (प्रशिक्षकों का परिचय):
- डॉ. देशराज मीणा (अलवर, राजस्थान): राजस्थान यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट और कोलंबिया यूनिवर्सिटी (न्यूयार्क) की शैक्षणिक यात्रा कर चुके डॉ. मीणा ‘रंग संस्कार थिएटर ग्रुप’ के फाउंडर हैं। उन्होंने 20, 75 और 100 दिवसीय नाट्य महोत्सव आयोजित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उनके 30 से अधिक रिसर्च पेपर (8 अंतर्राष्ट्रीय) प्रकाशित हो चुके हैं और वे मत्स्य महोत्सव व अलवर रंगम के मुख्य सूत्रधार हैं।
- मोनालीसा दास (कोलकाता, पश्चिम बंगाल): मास्टर डिग्री धारक मोनालीसा साल 2022 से बंगाली फिल्मों और नाट्य कला से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। वे वेस्ट बंगाल मोशन पिक्चर्स से संबद्ध हैं और पिछले 4 वर्षों से बच्चों व युवाओं के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर रही हैं। उन्होंने NSD के ‘भारत रंग महोत्सव’ और बांग्लादेश में भी प्रस्तुतियां व कार्यशालाएं दी हैं।
- ऋषिकेश लाल (रांची, झारखंड): ‘युवा नाट्य संगीत अकादमी’ रांची के संस्थापक, जिन्होंने अपना पूरा जीवन नाट्य कला को समर्पित कर दिया है। वे हर साल रांची में ‘छोटानागपुर रंग महोत्सव’ का आयोजन करते हैं। NSD दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रशिक्षण दे चुके ऋषिकेश जी कलाकारों के लिए एक निशुल्क आश्रम (रहना-खाना फ्री) भी संचालित करते हैं।
- शारदा कुमारी गिरी (धनबाद, झारखंड): नाट्य कला में मास्टर डिग्री धारक शारदा ने 2016 से थिएटर की शुरुआत कर देश के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाई। वे बॉलीवुड फिल्मों में मनोज वाजपेयी और सौरभ शुक्ला जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन साझा कर चुकी हैं और बतौर कास्टिंग एसोसिएट भी काम कर रही हैं। वर्तमान में वे ‘द ब्लैक पर्ल्स’ की अध्यक्ष हैं।
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