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IIT ISM की नई तकनीक को मिला भारतीय पेटेंट: पाइपलाइन परिवहन में बचेगी ऊर्जा, उद्योगों को होगा बड़ा फायदा

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IIT ISM's new technology receives Indian patent: Will save energy in pipeline transport and bring major benefits to industries.
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धनबाद। प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान के क्षेत्र में धनबाद स्थित IIT (ISM) के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की शोध टीम ने पाइपलाइनों के जरिए तरल और स्लरी (गाढ़े द्रव) के परिवहन को आसान और किफायती बनाने के लिए ‘फोर लोब्ड स्वर्ल इंड्यूसिंग पाइप’ तकनीक विकसित की है। चार साल के कड़े परीक्षणों के बाद भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इसे आधिकारिक रूप से भारतीय पेटेंट प्रदान कर दिया है।

चार वैज्ञानिकों की टीम ने किया तैयार

संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चार शोधकर्ताओं—डॉ. अजीत कुमार, डॉ. पंकज कुमार गुप्ता, डॉ. राम कृष्ण राठौर और डॉ. निरंजन कुमार ने मिलकर इस प्रणाली को तैयार किया है।

कैसे काम करती है यह तकनीक?

आमतौर पर पाइपलाइन के माध्यम से स्लरी, रसायन या अन्य तरल पदार्थों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के दौरान पाइप में गाढ़ा पदार्थ जमा होने लगता है। इससे पाइप में दबाव बढ़ता है और पंप चलाने में अधिक ऊर्जा खपत होती है।

नई तकनीक में पाइप के अंदरूनी हिस्से को खास तरीके से डिज़ाइन किया गया है, जिससे बहते हुए द्रव में एक नियंत्रित भंवर (Swirl) बनता है। इस भंवर के कारण:

  • ठोस कण नीचे बैठने के बजाय पूरे द्रव में एक समान तैरते रहते हैं।
  • पाइप के अंदर घर्षण और दबाव की हानि कम होती है।
  • तरल पदार्थ आसानी से बहता है, जिससे बिजली और ऊर्जा की भारी बचत होती है।

इन क्षेत्रों में होगी बेहद उपयोगी

यह नवाचार औद्योगिक लागत घटाने और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन में सहायक बनेगा। इसका प्रयोग मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में किया जा सकेगा:

  • खनन एवं खनिज प्रसंस्करण (लौह अयस्क व अन्य स्लरी परिवहन)
  • तेल और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन
  • थर्मल पावर प्लांट और केमिकल प्लांट
  • जल आपूर्ति एवं अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली
  • औद्योगिक मिक्सिंग सिस्टम और हीट एक्सचेंजर

उद्योगों के साथ बढ़ेगा तालमेल

शोधकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022 में इस पेटेंट के लिए आवेदन किया गया था। पेटेंट मिलने के बाद अब निजी व सरकारी उद्योगों के साथ इस तकनीक के हस्तांतरण (Technology Transfer) और व्यावसायिक इस्तेमाल के नए दरवाजे खुलेंगे, जिससे भारतीय उद्योगों की कार्यक्षमता और उत्पादकता में सुधार आएगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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