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केंदुआडीह भू-धंसान : सड़क की सुरक्षा परखने 30 मीटर गहराई तक होगी वैज्ञानिक खुदाई

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Kenduadih Land Subsidence: Scientific excavation up to a depth of 30 meters to assess road safety.
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IIT-ISM और CIMFR ने तैयार की SOP

धनबाद : धनबाद-बोकारो मार्ग (पुराने NH-32) की लाइफलाइन मानी जाने वाली केंदुआडीह की प्रभावित सड़क की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सड़क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अब लगभग 30 मीटर की गहराई तक वैज्ञानिक खुदाई की जाएगी। इस जांच और आकलन के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में सड़क पर आम लोगों और वाहनों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी या नहीं।

इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए देश के शीर्ष संस्थानों के विशेषज्ञों—IIT-ISM, CSIR-CIMFR, DGMS और BCCL—ने मिलकर एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की है।

पुराने नक्शों के अध्ययन से हुआ खुलासा

SOP के अनुसार, राष्ट्रीयकरण से पहले केंदुआडीह क्षेत्र के नीचे 13वें कोयला सीम (Coal Seam) में underground mining की गई थी।

  • प्रभावित क्षेत्र: सड़क के ठीक नीचे लगभग 30 मीटर गहराई और 45 मीटर के दायरे में पुराना खनन फैला हुआ है।
  • इसी वजह से स्थिति की सटीक जानकारी जुटाने के लिए वैज्ञानिक खुदाई का फैसला लिया गया है।

नियंत्रित ब्लास्टिंग और 500 मीटर का सुरक्षा घेरा

खुदाई के दौरान यदि आवश्यकता पड़ी तो नियंत्रित ब्लास्टिंग (Controlled Blasting) भी की जाएगी।

  • ब्लास्टिंग से पूर्व 500 मीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा (Security Cordon) बनाया जाएगा।
  • इस दायरे में रहने वाले नागरिकों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
  • पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही नियंत्रित विस्फोट किया जाएगा।

“SOP के आधार पर खुदाई के निर्देश दे दिए गए हैं। खुदाई पूरी होने के बाद BCCL विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी। यदि भविष्य में किसी खतरे की संभावना नहीं पाई जाती है, तभी सड़क निर्माण एजेंसी (RCD) को पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी।”

आदित्य रंजन, उपायुक्त (DC), धनबाद

क्या था पूरा मामला?

  • अचानक धंसी थी सड़क: इसी वर्ष केंदुआडीह स्थित पुराने NH-32 पर अचानक ज़मीन धंसने लगी थी और चौड़ी दरारें पड़ गई थीं।
  • यातायात किया गया था बंद: ज़मीन से गैस निकलने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया था और वाहनों को डायवर्ट किया गया था।
  • पिछला इतिहास: उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इसी क्षेत्र में गैस रिसाव की एक दुखद घटना में तीन लोगों की जान चली गई थी।

सड़क को पुनः शुरू कराने के लिए स्थानीय स्तर पर कई आंदोलन हुए, जिसके बाद उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई और यह संयुक्त SOP तैयार करने का निर्णय लिया गया। अब सभी की निगाहें इस वैज्ञानिक खुदाई और उसके बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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