Home दिल्ली जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति और तस्करी के खिलाफ अभियान तेज, राज्यसभा में सरकार ने दिया ब्योरा
दिल्लीदेशराज्यराष्ट्रीय न्यूज

जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति और तस्करी के खिलाफ अभियान तेज, राज्यसभा में सरकार ने दिया ब्योरा

Share
jammu-kashmir-nasha-mukti-kendra-ncord-report
Share

नई दिल्ली : केंद्र सरकार राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है। राज्यसभा में सांसद सत पाल शर्मा द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने यह जानकारी दी।

प्रमुख बिंदु:

  • वर्तमान प्रस्ताव: जम्मू क्षेत्र में एकीकृत नशा मुक्ति एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का फिलहाल कोई नया प्रस्ताव नहीं है।
  • मौजूदा नशा मुक्ति ढांचा: राज्य में 1 एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCA), 6 जिला नशा-मुक्ति केंद्र (DDAC), 2 कम्युनिटी-बेस्ड पीयर लीड इंटरवेंशन केंद्र (CPLI), 3 आउटरीच एंड ड्रॉप-इन केंद्र (ODIC) और 21 व्यसन उपचार सुविधाएं (ATF) चालू हैं।
  • चार-स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) तंत्र: तस्करों के खिलाफ कार्रवाई और एजेंसियों में तालमेल के लिए गृह मंत्रालय ने शीर्ष, कार्यकारी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और जिला स्तर पर एनसीओआरडी का गठन किया है।
  • बैठकों के आंकड़े: वर्ष 2018 से अब तक जम्मू-कश्मीर में राज्य स्तर की 17 और जिला स्तर की 836 एनसीओआरडी बैठकें हो चुकी हैं। 26 जून, 2026 को एनसीओआरडी की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

डिजिटल पोर्टल से बढ़ी समन्वय क्षमता

सरकार ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना और उनकी निगरानी एक सतत प्रक्रिया है। तस्करी रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है। इस पूरे तंत्र को गति देने के लिए ‘एनसीओआरडी पोर्टल’ एक साझा ज्ञान प्रबंधन मंच और डेटा भंडार के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...