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मूसलाधार बारिश भी नहीं डिगा सकी आस्था: तोपचांची में एक साथ विसर्जित हुईं मां मनसा की 30 प्रतिमाएं

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धनबाद (तोपचांची): लगातार हो रही तेज बारिश के बावजूद तोपचांची प्रखंड की कोरकोट्टा पंचायत स्थित केवट टोला में आस्था और परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रतिकूल मौसम को धता बताते हुए श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मां मनसा की करीब 30 प्रतिमाओं का सामूहिक विसर्जन किया।

कंधों पर प्रतिमाएं उठा महतो तालाब पहुंचे श्रद्धालु

बारिश की तेज बूंदों के बीच श्रद्धालु मां मनसा की प्रतिमाओं को अपने कंधों पर उठाकर महतो तालाब पहुंचे। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। विसर्जन यात्रा में ग्रामीणों के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई।

केवट समाज की कुलदेवी हैं मां मनसा

कोरकोट्टा गांव में लगभग 200 केवट परिवार निवास करते हैं, जो मां मनसा को अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। इस वर्ष गांव के करीब 30 घरों में मां मनसा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। विधि-विधान से पूजा संपन्न होने के बाद सभी प्रतिमाओं को एक साथ विसर्जन के लिए निकाला गया।

पूजा के बाद ही शुरू होता है आजीविका का चक्र

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मां मनसा की पूजा पूरी होने के बाद ही केवट समुदाय के लोग तालाबों में मछली पकड़ने के काम की शुरुआत करते हैं। यही वजह है कि यह पर्व इस समाज के लिए न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि उनकी परंपरा और आजीविका से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

श्रद्धालुओं ने मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए उन्हें भावुक विदाई दी। लगातार बारिश के बीच संपन्न हुआ यह सामूहिक विसर्जन गांव की अटूट आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बन गया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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