रांची : जहां एक ओर सरकार बच्चों को सुरक्षित शिक्षा और स्वच्छ पेयजल देने की बात करती है,वहीं उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय पंडरी से सामने आई तस्वीरें सिस्टम की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रही हैं।
विद्यालय परिसर में बना जलमीनार (वाटर स्टेशन) पूरी तरह जर्जर हो चुका है और गिरने की कगार पर है। हैरानी की बात यह है कि इस खतरनाक ढांचे को केवल रस्सियों और तारों के सहारे बांधकर खड़ा रखा गया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस जलमीनार का उपयोग सिर्फ स्कूल के बच्चे ही नहीं, बल्कि गांव के आम लोग भी रोजाना करते हैं।ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि ढांचे की टाइल्स उखड़ चुकी हैं, दीवारों में दरारें हैं और चारों ओर गंदगी व काई जमी हुई है। यह न सिर्फ हादसे को न्योता दे रहा है बल्कि पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मुखिया, वार्ड सदस्य और संबंधित अधिकारी अब तक इस गंभीर समस्या पर संज्ञान क्यों नहीं ले रहे हैं? क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?
प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लें, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
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