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रजक समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंप कर की कार्रवाई की मांग

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रजक समाज के प्रसिद्ध देवता खूबत बाबा का पूजा अर्चना करने से रोका गया

शिवपुरी (मप्र) ।‎शिवपुरी जिले के खूबत बाबा मंदिर में उस वक्त विवाद की स्थिति बन गई। जब रजक समाज के लोग 3 अगस्त को दोपहर 1 बजे पूजा अर्चना करने के लिए वहां पहुंचे। समाज के लोगों का आरोप है कि दीपक शिवहरे और उनकी पत्नी हेमा शिवहरे ने उन्हें पूजा करने से रोक दिया और उनके साथ गाली-गलौज भी की।
रजक समाज के लोगो का कहना है कि ‎”जब हम अपने देवता खूबत बाबा की पूजा करने गए थे। जो कि हमारा प्राचीन मंदिर है। लेकिन दीपक शिवहरे और उनकी पत्नी ने हमें वहां पूजा करने से रोक दिया। उन्होंने हमसे बदतमीजी की और ताला लगाने की कोशिश की।
‎‎विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को मौके पर आना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में भी दंपत्ति ने मंदिर में ताला लगाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। इस घटना के बाद, रजक समाज ने जिला पुलिस अधीक्षक अमर सिंह राठौड़ को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि दीपक शिवहरे और उनकी पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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