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आईएनएस कदमत्त की पापुआ न्यू गिनी यात्रा

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नई दिल्ली : पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, भारतीय नौसेना बैंड ने पोर्ट मोरेस्बी में भव्य सैन्य संगीतमय प्रस्तुति (ग्रैंड मिलिट्री टैटू) में भाग लिया, जो भारतीय नौसेना के पोत कदमत्त पर सवार होकर आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में कई देशों के बैंड एक साथ आए, जो संगीत की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से एकता, अनुशासन और साझा विरासत का प्रतीक थे।

भारतीय नौसेना बैंड ने मार्शल संगीत और भारतीय धुनों का मिश्रण प्रस्तुत किया, जिसकी गणमान्य व्यक्तियों और दर्शकों ने सराहना की। इस शानदार प्रदर्शन ने भारत के जीवंत सांस्कृतिक लोकाचार को प्रदर्शित किया और प्रशांत महासागर के देशों के साथ उसके दीर्घकालिक समुद्री संबंधों की पुष्टि की।

इस यात्रा के दौरान, आईएनएस कदमत्त के कर्मियों ने बोमाना युद्ध स्मारक का दौरा किया और द्वितीय विश्व युद्ध के शहीदों, जिनमें कई गुमनाम भारतीय सैनिक भी शामिल थे, के शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, उस साझा इतिहास और बलिदान पर प्रकाश डाला गया जो महासागरों और पीढ़ियों के पार के देशों को एक सूत्र में बाँधता है।

इन नायकों की स्मृति शक्ति का स्रोत है, जो कर्तव्य, सम्मान और साहस के आदर्श मूल्यों को कायम रखते हुए सदैव और हर समय सामूहिक संकल्प को मजबूत करती है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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