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आवारा कुत्तों का आतंक खत्म? SC बोला- फीडर्स जिम्मेदार, घर ले जाओ वरना जुर्माना!

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Supreme Court stray dogs
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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्ती बरतते हुए कहा- हर मौत, हर काटने पर राज्य सरकारें भारी मुआवजा देंगी। डॉग फीडर्स भी जिम्मेदार। ABC नियम लागू न करने पर फटकार। पूरी खबर।

70 साल पुरानी प्लेट: SC का धमाका- कुत्ता काटे तो राज्य भरेगा लाखों, फीडर्स भी फंसेंगे!

सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर बड़ा ऐलान: हर काटने-मौत पर राज्य भरेगा मुआवजा, फीडर्स भी फंसेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर सरकारों को कड़ी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने साफ कहा कि बच्चे-बुजुर्गों पर कुत्तों के हमलों के लिए केंद्र-राज्य सरकारें जिम्मेदार होंगी। हर मौत, हर गंभीर चोट पर भारी मुआवजा देना पड़ेगा। कोर्ट ने डॉग फीडर्स को भी लपेटा- घर ले जाकर पालो, रास्ते पर मत छोड़ो वरना जिम्मेदारी तुम्हारी। ये टिप्पणी stray dogs केस की सुनवाई के दौरान आई।​

कोर्ट ने कहा, ‘1950 से संसद इस पर चर्चा कर रही, लेकिन समस्या 1000 गुना बढ़ गई। केंद्र-राज्य की पूरी नाकामी। हर व्यक्ति, महिला, बच्चे की जान जाए तो जिम्मेदार कौन?’ जस्टिस नाथ बोले, ‘कुत्ता काटना लाइफलॉन्ग ट्रॉमा देता है। फीडर्स कहते हो प्यार करते हो तो घर क्यों नहीं ले जाते? रास्ते पर घूम-घूमकर काटते हैं, डराते हैं।’ वकील मेनका गुरुस्वामी को फटकारा कि इंसानों के लिए इतना इमोशन नहीं दिखा जितना कुत्तों के लिए।​

ये केस सालों पुराना है। जुलाई 2025 में कोर्ट ने दिल्ली-NCR के आवारा कुत्तों को रेसिडेंशियल एरिया से हटाने का ऑर्डर दिया था। शेल्टर्स में रखो, स्टेरलाइज करो, वैक्सीनेट करो, बाहर मत छोड़ो। लेकिन लागू नहीं हुआ। अब कोर्ट ने ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) रूल्स पर सवाल उठाए। ये नियम सुप्रीम कोर्ट के 2009 के फैसले से हैं, लेकिन लागू करने में नाकाम। सीनियर एडवोकेट अरविंद डतर ने कहा ABC रूल्स अल्ट्रा वायर्स हैं, 60 कानूनों से टकराते।​

आंकड़े खौफनाक हैं। हर साल 2 करोड़ कुत्ता काटने के केस। 20 हजार रेबीज से मौतें। दिल्ली में रोज 500 बाइट्स। मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे शहरों में हालात बेकाबू। बच्चे स्कूल जाते वक्त, बुजुर्ग पार्क में, महिलाएं सुबह टहलते असुरक्षित। लद्दाख में 55,000 फेरल डॉग्स ने स्नो लेपर्ड जैसे लुप्तप्राय प्रजातियों को खतरे में डाल दिया।​

कोर्ट ने फीडर्स पर जोर दिया। बोले, ‘तुम्हारी वजह से गैंग बन जाते हैं कुत्ते। स्टेरलाइजेशन रोकते हो।’ गुरुस्वामी ने इमोशनल अपील की लेकिन कोर्ट टस से मस न हुआ। कहा, ‘कुत्ता डर की खुशबू सूंघ लेता है, हमला कर देता। पेट डॉग भी अनप्रेडिक्टेबल।’ जनवरी 20 को अगली सुनवाई। तब तक स्टेट्स को रिपोर्ट देनी होगी।​

आवारा कुत्तों की समस्या क्यों बढ़ी?

  • ABC नियम फेल: स्टेरलाइजेशन लक्ष्य 70-80% लेकिन 10-20% ही।
  • फीडिंग पॉइंट्स: गलियों में खाना डालने से बढ़ते।
  • शेल्टर्स की कमी: सिर्फ 200 शहरों में 400 शेल्टर्स।
  • पॉपुलेशन: 6 करोड़ आवारा कुत्ते अनुमानित।

प्रमुख शहरों में कुत्ता काटने के आंकड़े

शहरसालाना बाइट्सरेबीज मौतेंस्टेरलाइजेशन %
दिल्ली3 लाख+200+15% 
मुंबई50,0005025%
बेंगलुरु80,00010020%
चेन्नई40,0004018%

कोर्ट के पिछले ऑर्डर

  • जुलाई 2025: दिल्ली से कुत्तों को हटाओ।
  • नवंबर 2025: एक्सपर्ट कमिटी बनाई।
  • जनवरी 2026: मुआवजा वार्निंग।​

फीडर्स की जिम्मेदारी

  • घर लो या शेल्टर में रखो।
  • स्टेरलाइजेशन कराओ।
  • गली में फीडिंग बंद।
  • हमले पर लायबिलिटी।​

कानूनी बैकग्राउंड

  • 1950s: संसद में पहली चर्चा।
  • 2001: PCA एक्ट में ABC रूल्स।
  • 2009: कोर्ट ने स्टेरलाइजेशन ऑर्डर।
  • 2026: मुआवजा का नया फॉर्मूला।

राज्यों की नाकामी

  • फंड न होना बहाना।
  • एनजीओ पर निर्भरता।
  • इंप्लीमेंटेशन जीरो।
    कोर्ट ने हर राज्य को नोटिस की धमकी दी।

समाधान के उपाय

  • ट्रैप-न्यूटर-रिलीज सख्ती से।
  • शेल्टर्स बढ़ाओ।
  • फीडिंग रेगुलेट।
  • पब्लिक अवेयरनेस।
  • प्रोफेशनल हैंडलिंग।

एनिमल राइट्स vs ह्यूमन सेफ्टी
कोर्ट ने बैलेंस पर जोर दिया। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने फीडिंग को बढ़ावा दिया लेकिन बाइट्स बढ़े। अब इंसानी जानें प्राथमिक। लद्दाख जैसी इकोलॉजिकल डिसास्टर।

लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर सराहना। मां-बाप बोले- आखिरकार बच्चों की सुरक्षा। डॉग लवर्स प्रोटेस्ट की तैयारी। लेकिन ज्यादातर सपोर्ट कोर्ट को।

ये फैसला मील का पत्थर। अब राज्य जागेंगे। फीडर्स सोचेंगे। आवारा कुत्तों का आतंक कम होगा। लेकिन लागू होगा या नहीं, जनवरी 20 देखना। तब तक सावधान रहें।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा मुआवजे पर?
    हर कुत्ता काटने, मौत, चोट पर राज्य भारी कंपनसेशन देगा। फीडर्स भी जिम्मेदार।​
  2. डॉग फीडर्स पर क्या पाबंदी?
    घर ले जाओ या शेल्टर। गली में फीडिंग से गैंग बनते। हमले की लायबिलिटी।
  3. ABC नियम क्या हैं?
    एनिमल बर्थ कंट्रोल- ट्रैप, स्टेरलाइज, रिलीज। लेकिन लागू न होने से फेल।
  4. कितने कुत्ते काटते हैं सालाना?
    2 करोड़ बाइट्स, 20 हजार रेबीज मौतें। दिल्ली में रोज 500।
  5. अगली सुनवाई कब?
    20 जनवरी 2026। स्टेट्स को रिपोर्ट जमा करनी।

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