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लोकसभा में हंगामा: विकसित भारत रोजगार बिल पास, MGNREGA खत्म?

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VB-G RAM G Bill Approved: 25 Extra Days Work
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लोकसभा ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार बिल पास किया, MGNREGA की जगह 125 दिन की गारंटी। विपक्ष का हंगामा, गांधी नाम हटाने पर विवाद। डिजिटल ट्रैकिंग, कृषि सीजन पॉज और इंफ्रा फोकस के साथ नया दौर!

VB-G RAM G बिल पास: MGNREGA से 25 दिन ज्यादा काम, लेकिन राज्यों पर बोझ क्यों?

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल: लोकसभा से पास, MGNREGA का नया दौर

18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में जबरदस्त हंगामे के बीच विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025 (VB-G RAM G) पास हो गया। विपक्षी सांसदों ने सदन में नारे लगाए, कागज फाड़े और टुकड़े उछाले। चर्चा बुधवार आधी रात के बाद खत्म हुई, जिसमें 98 सदस्यों ने हिस्सा लिया। लोकसभा सुबह 1:35 बजे स्थगित हुई। केंद्र सरकार इसे MGNREGA का ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्टेट्यूटरी ओवरहॉल’ बता रही है, जो विकसित भारत 2047 के विजन से मैच करता है।

ये बिल 16 दिसंबर को लोकसभा में पेश हुआ था। पुराने महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) को रिप्लेस करेगा। MGNREGA ने दो दशकों तक ग्रामीण आय स्थिर की और बेसिक एसेट्स बनाए, लेकिन अब ‘ओवरऑल आर्किटेक्चर लिमिट्स पर पहुंच गया’। गरीबी घटी, लाइवलीहुड्स डाइवर्सिफाई हुए, डिजिटलाइजेशन फैला – पुराना सिस्टम फिट नहीं। अब ग्रामीण घरों को 125 दिन की वेज एम्प्लॉयमेंट गारंटी मिलेगी, जो MGNREGA के 100 दिनों से 25 ज्यादा है। 15 दिनों में काम न मिले तो बेरोजगारी भत्ता भी।

सरकार का कहना है ये इनकम सिक्योरिटी मजबूत करेगा। किसानों की मदद भी, क्योंकि राज्य पीक सोइंग-हार्वेस्टिंग में 60 दिन तक काम बंद रख सकेंगे। इससे लेबर उपलब्ध रहेगा, कृषि में ‘आर्टिफिशियल वेज इन्फ्लेशन’ नहीं होगा। एम्प्लॉयमेंट को चार प्रायोरिटी एरियाज से लिंक: वॉटर सिक्योरिटी, कोर रूरल इंफ्रा, लाइवलीहुड इंफ्रा और एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स के लिए स्पेशल वर्क्स। ग्राम पंचायतें प्लान बनाएंगी, जो PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़ेंगे।

फंडिंग में बड़ा बदलाव: सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम बनेगा। राज्य 6 महीने में स्कीम नोटिफाई करेंगे। सेंटर-स्टेट शेयरिंग 60:40 (नॉर्थ-ईस्ट, हिमालयन स्टेट्स 90:10)। वेज, मटेरियल और एडमिन कॉस्ट दोनों शेयर। राज्य बेरोजगारी भत्ता, डिले कंपनसेशन खुद देंगे। सेंटर स्टेट-वाइज नॉर्मेटिव अलोकेशन तय करेगा। इससे ज्यादा खर्च राज्य भरेगा। ये राज्यों पर बोझ बढ़ाएगा, विपक्ष यही कह रहा।

विपक्ष का तीखा विरोध:

विपक्ष नेता बिल को ‘राइट्स-बेस्ड गारंटी का हमला’ बता रहे। राज्य और मजदूरों के खिलाफ ‘स्टैक्ड’ स्कीम। महात्मा गांधी का नाम हटाकर राष्ट्रपिता के आदर्शों का अपमान। MGNREGA ग्रामीण भारत की रीढ़ था, इसे कमजोर करने की साजिश। सदन में नारे, कागज फाड़ना इसी गुस्से का इजहार। सरकार जवाब दे रही कि ये आधुनिक ग्रामीण भारत के लिए जरूरी।

  • लोकसभा में स्लोगन शाउटिंग और पेपर टियरिंग
  • 98 सदस्यों की आधी रात बहस
  • गांधी नाम हटाने पर ‘आत्मा पर प्रहार’ का आरोप
  • राज्य फंडिंग बोझ पर विवाद

टेक्नोलॉजी और मॉनिटरिंग: नया जमाना

बिल में टेक का जबरदस्त इस्तेमाल: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, जियोस्पेशल टूल्स प्लानिंग-मॉनिटरिंग के लिए, मोबाइल ऐप डैशबोर्ड्स रीयल-टाइम ट्रैकिंग, वीकली पब्लिक डिस्क्लोजर। सेंट्रल और स्टेट काउंसिल रहेंगी, रूल्स से कंपोजिशन। नेशनल लेवल स्टीयरिंग कमिटी और हर स्टेट में स्टेट कमिटी बनेगी। फंक्शन्स: अन्य प्रोग्राम्स से कन्वर्जेंस, डिस्ट्रिक्ट प्लान्स को स्टेट प्लान में एग्रीगेट, नेशनल कमिटी से कोऑर्डिनेशन।

ग्राम पंचायतें प्रोजेक्ट्स आइडेंटिफाई करेंगी, चार थीम्स पर फोकस। नेशनल लेवल पर प्लान्स एग्रीगेट होंगे। ये सब विकसित भारत 2047 को सशक्त बनाएगा। MGNREGA के 100 दिन vs 125 दिन, लेकिन फंड शेयरिंग चेंज से राज्यों को चुनौती।

MGNREGA vs VB-G RAM G बिल: तुलना तालिका

विशेषताMGNREGA (2005)VB-G RAM G बिल (2025)
गारंटीड दिन100 दिन125 दिन
फंड शेयरिंगसेंटर: वेज 100%, मटेरियल 75%, एडमिन शेयर60:40 (सभी कॉस्ट शेयर)
एग्री सीजनकोई पॉज नहीं60 दिन पॉज संभव
वर्क फोकससामान्य4 थीम्स: वॉटर, इंफ्रा, लाइवलीहुड, वेदर
टेक यूजसीमितबायोमेट्रिक, जियोस्पेशल, ऐप्स, डिस्क्लोजर
एक्सेस एक्सपेंडराज्य भुगताननॉर्मेटिव से ज्यादा राज्य भरेगा

ग्रामीण भारत पर असर: आंकड़े और संभावनाएं

MGNREGA ने 2005 से अब तक करोड़ों परिवारों को काम दिया। 2024-25 में 278 करोड़ व्यक्ति-दिन काम जेनरेट हुआ (रूरल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री डेटा)। लेकिन करप्शन, डिले पेमेंट्स, लो प्रोडक्टिविटी की शिकायतें। नया बिल डिजिटल ट्रैकिंग से ट्रांसपेरेंसी लाएगा। रूरल UR नवंबर 2025 में 3.9% पर सबसे कम (MoSPI)। 125 दिन से आय बढ़ेगी, लेकिन 60 दिन पॉज से किसान खुश।

राज्यों की चिंता: 60:40 शेयरिंग से खर्च बढ़ेगा। नॉर्थ-ईस्ट को 90:10 राहत। अगर अलोकेशन से ज्यादा खर्च तो राज्य जिम्मेदार। बिहार, यूपी जैसे बड़े राज्य प्रभावित। विपक्ष कहता है मजदूरों के हक कमजोर। सरकार: ड्यूरेबल एसेट्स, PM गति शक्ति से इंफ्रा बूस्ट।

5 FAQs

  1. VB-G RAM G बिल क्या है और MGNREGA से कैसे अलग?
    ये MGNREGA रिप्लेस करता है। 100 की जगह 125 दिन गारंटी, 60:40 फंड शेयर, टेक बेस्ड मॉनिटरिंग।
  2. लोकसभा में बिल पास कैसे हुआ?
    विपक्ष हंगामे के बीच, आधी रात बहस के बाद पास। सांसदों ने कागज फाड़े।
  3. नया बिल में कितने दिन काम की गारंटी?
    हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन अनस्किल्ड मैनुअल वर्क। 15 दिन में न मिले तो भत्ता।
  4. फंडिंग कैसे होगी?
    सेंटर 60%, राज्य 40% (सभी कॉस्ट)। नॉर्मेटिव से ज्यादा राज्य भरेगा।
  5. विपक्ष का मुख्य विरोध क्या?
    गांधी नाम हटाना, राज्य बोझ बढ़ना, राइट्स कमजोर होना।
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