Home धर्म सामाजिक एकता, संस्कृति और उत्साह का प्रतीक हैं गणेशोत्सव – दुर्गेश आर सिंह राजपूत
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सामाजिक एकता, संस्कृति और उत्साह का प्रतीक हैं गणेशोत्सव – दुर्गेश आर सिंह राजपूत

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बप्पा सबकी मनोकामना पूर्ण करें,आर्या ग्रुप ऑफ कंपनी की ओर से शुभकामना

नई दिल्ली : भारत में पर्व त्यौहार बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं।ऐसा इसलिए क्योंकि ये पर्व त्यौहार हमारी संस्कृति, धर्म, आस्था आदि से जुड़ी हैं।यह हमारे इतिहास से भी जुड़ी हैं।जो जीवन में मार्गदर्शन भी करती हैं। 27 अगस्त से गणेश चतुर्थी की शुरुआत हैं,जो आगामी 6 सितंबर तक मनाया जाएगा।आर्या ग्रुप ऑफ कंपनी की ओर से गणेश चतुर्थी की शुभकामना दी गई हैं एवं बप्पा सभी की मनोकामना पूर्ण करें।यह प्रार्थना आर्या ग्रुप ऑफ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दुर्गेश आर सिंह राजपूत ने की।उन्होंने आगे कहा कि गणेश चतुर्थी का नाम लेते ही सबसे पहले महाराष्ट्र का ही ख्याल आता है। यहां यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और उत्साह का प्रतीक भी है।महाराष्ट्र में गणपति बप्पा का आगमन हर गली, मोहल्ले और घर को रौशन कर देता है।यह हमारे धर्म,संस्कृति,आस्था के साथ – साथ इतिहास से भी जुड़ा हुआ हैं।उन्होंने सभी को गणेशोत्सव की बधाई एवं अपील किया कि शांतिपूर्ण तरीके से बिना भेदभाव के आपसी भाईचारे के साथ गणेश चतुर्थी का पर्व मनाए और सुरक्षित रहें।किसी भी प्रकार की अपवाह अथवा असामाजिक तत्वों से बचें।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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