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रांची में घर से भागे 3 बच्चे रेलवे स्टेशन से बरामद,पुलिस ने सुरक्षित लौटाया

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3 children who ran away from home in Ranchi recovered from railway station, returned safely by police
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रांची : रांची पुलिस ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए खादगढ़ा-कांटाटोली इलाके से घर से बिना बताए निकले तीन बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। तीनों बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया, जहां वे शहर छोड़ने की तैयारी में थे।

नाराज होकर घर से निकले थे बच्चे

पुलिस के अनुसार, तीनों बच्चे किसी बात को लेकर घर से नाराज होकर निकल गए थे। पूछताछ में एक बच्चे ने बताया कि उसकी कुछ बुरी आदतों को लेकर घर में डांट-फटकार और पिटाई हुई थी, जिसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ घर छोड़कर निकल गया।

समय रहते पुलिस ने किया रेस्क्यू

मामले की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस सक्रिय हुई और रेलवे स्टेशन पर सर्च अभियान चलाया।इसी दौरान तीनों बच्चों को पकड़ लिया गया और सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया।

कानूनी प्रक्रिया जारी

पुलिस ने बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सूचना दे दी है। फिलहाल आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि वे दोबारा ऐसा कदम न उठाएं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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