Home झारखण्ड उपायुक्त ने 25 किसानों को दी कानपुर के अनुसंधान केंद्र में प्रशिक्षण की स्वीकृति
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उपायुक्त ने 25 किसानों को दी कानपुर के अनुसंधान केंद्र में प्रशिक्षण की स्वीकृति

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धनबाद । उपायुक्त–सह–अध्यक्ष, आत्मा आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आत्मा शासकीय निकाय एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन अंतर्गत जिला खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन – कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से अंतर राज्यीय कृषक प्रशिक्षण अंतर्गत 25 किसानों के दल को भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र, कानपुर, उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षण की स्वीकृति दी गई। वहीं राजकीय प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय टसर रेशम अनुसंधान केंद्र, नगड़ी, रांची में प्रशिक्षण की स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावा ए.टी.आई.सी. सेंटर के सुदृढ़ीकरण और आत्मा के खाली पदों को भरने हेतु रोस्टर क्लीयर कर भरने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इस दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन अंतर्गत दलहन, तेलहन, धान, मोटे अनाज, न्यूट्री सीरियल, कोर्स सीरियल, टरफा-दलहन एवं तेलहन तथा ऑइल सीड्स अंतर्गत किसानोपयोगी योजनाओं के क्रियान्वयन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी–सह–परियोजना निदेशक, आत्मा, वरीय वैज्ञानिक केवीके, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, अग्रणी बैंक प्रबंधक, महाप्रबंधक, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक एवं शासकीय निकाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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