Home क्राईम असर्फी हॉस्पिटल धनबाद पर 3.27 करोड़ रुपये जुर्माना, अवैध निर्माण हटाने का आदेश | Dhanbad News
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असर्फी हॉस्पिटल धनबाद पर 3.27 करोड़ रुपये जुर्माना, अवैध निर्माण हटाने का आदेश | Dhanbad News

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प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

  • करारा झटका: असर्फी हॉस्पिटल पर ₹3,27,64,750 जमा करने का प्रशासनिक आदेश।
  • अवैध निर्माण: स्वीकृत नक्शे से ज्यादा बने 1335.30 वर्गमीटर निर्माण को हटाने का निर्देश।
  • कड़ी चेतावनी: आदेश न मानने पर ध्वस्तीकरण (Demolition), सीलिंग और कानूनी कार्रवाई होगी।
  • प्रबंधन का पक्ष: अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें अभी तक आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है।

धनबाद : धनबाद नगर निगम ने नियमों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अस्पतालों के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में निगम ने शहर के प्रमुख असर्फी हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹3.27 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अस्पताल में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए गए अवैध हिस्से को हटाने का कड़ा आदेश जारी किया है।

जांच में खुली नियमों के उल्लंघन की पोल

निगम द्वारा दर्ज भवन वाद संख्या 05/2025 में विस्तृत जांच, संयुक्त निरीक्षण और पुनः मापन (Re-measurement) के बाद यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम के अनुसार, झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 के तहत की गई जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं:

  • मानचित्र से अधिक निर्माण: अस्पताल परिसर में स्वीकृत नक्शे से अलग अतिरिक्त तल और क्षेत्रफल पर अनधिकृत निर्माण किया गया।
  • पार्किंग नियमों की अनदेखी: स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था का पूरी तरह उल्लंघन पाया गया।
  • फायर सेफ्टी पर खतरा: भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक होने के बावजूद आवश्यक फायर सेफ्टी NOC और अग्नि सुरक्षा मानकों का उचित अनुपालन नहीं किया गया।

निगम का कड़ा फरमान और दी गई समय-सीमा

निगम ने पारित आदेश के तहत अस्पताल प्रबंधन को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

क्षेत्रनिगम का आदेश / निर्देश
पेनाल्टी (बकाया राशि)₹3,27,64,750 नगर निगम कोष में तुरंत जमा कराने का निर्देश।
अवैध निर्माण1335.30 वर्गमीटर असमायोज्य अवैध हिस्से को निर्धारित समय में खुद हटाने का आदेश।
पार्किंग व सुरक्षापार्किंग व्यवस्था बहाल करने और फायर NOC सहित सभी सुरक्षा मानक पूरे करने का निर्देश।

नगर निगम की चेतावनी:

“यदि निर्धारित समय के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो निगम बिना किसी पूर्व सूचना के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने, भवन को सील करने और बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कानूनी कदम उठाएगा।”

शहर के अन्य संस्थानों और अस्पतालों को भी चेतावनी

नगर निगम ने इस कार्रवाई के जरिए शहर के सभी भवन स्वामियों, निजी अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्पष्ट संदेश दिया है। निगम ने अपील की है कि सभी संस्थान स्वीकृत मानचित्र, पार्किंग और फायर सेफ्टी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी नियम तोड़ने वालों पर ऐसी ही सीधी और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अस्पताल प्रबंधन का बयान

इस पूरे प्रशासनिक आदेश और कार्रवाई के संबंध में जब असर्फी अस्पताल प्रबंधन के हरेंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा:

“अस्पताल प्रबंधन को अब तक नगर निगम की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक नोटिस या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही निगम का नोटिस हमें मिलेगा, उसका नियमानुसार और तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा।”

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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