Home झारखण्ड राजगढ़िया परिवार ने किया छठा नेत्रदान, दो लोगों को मिलेगी रोशनी
झारखण्डराज्य

राजगढ़िया परिवार ने किया छठा नेत्रदान, दो लोगों को मिलेगी रोशनी

Share
Share

धनबाद । मानवता की मिसाल पेश करते हुए कतरास के राजगढ़िया परिवार ने एक बार फिर नेत्रदान की अनूठी पहल को दोहराया है। बुधवार को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में कतरास निवासी आलोक राजगढ़िया का मरणोपरांत नेत्रदान किया गया। यह इस परिवार द्वारा किया गया छठा नेत्रदान है।

समाजसेवी अंकित राजगढ़िया ने किया प्रेरित

जानकारी के अनुसार, मृतक आलोक राजगढ़िया को बुधवार की सुबह घर की सीढ़ियों से गिर जाने के कारण ब्रेन हैमरेज हो गया था, जिसके चलते उनकी दु:खद मृत्यु हो गई। इस दु:खद घड़ी में, समाजसेवी अंकित राजगढ़िया ने मृतक के पिता जगदीश राजगढ़िया और बहन अमृता को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।
परिवार की सहमति के बाद, मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई।

‘धरती पर ही अमर रहेंगे बेटे’

नेत्रदान के फैसले पर मृतक के पिता जगदीश राजगढ़िया और बहन अमृता ने गर्व महसूस किया। उन्होंने बताया कि भले ही आलोक इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन मरणोपरांत उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को जीवन में रोशनी मिलेगी।
पिता जगदीश राजगढ़िया ने भावुक होते हुए कहा, “बेटे के नेत्रदान से वह धरती पर ही मरणोपरांत अमर रह जाएंगे। यह हमारे लिए अत्यंत संतोष का विषय है।”

जीवन का सबसे अमूल्य दान

इस अवसर पर समाजसेवी अंकित राजगढ़िया ने कहा कि नेत्रदान जीवन का सबसे अमूल्य दान है और हर व्यक्ति को इस महान कार्य के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने राजगढ़िया परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी परिवार ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया है।
यह नेत्रदान धनबाद में अंगदान की मुहिम को और मजबूत करेगा, जिससे कई ज़रूरतमंदों को नया जीवन मिल सकेगा।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...