Home झारखण्ड बौआ कला उत्तर पंचायत भवन में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई
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बौआ कला उत्तर पंचायत भवन में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई

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बड़की बौआ । धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती शनिवार को बौआ कला उत्तर पंचायत भवन में मनाई गई।सर्वप्रथम मुखिया भीम लाल रजक ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन किया।तत्पश्चात उपस्थित अन्य गणमान्य जनों व ग्रामीणों से पुष्पांजलि देकर विनम्र श्रद्धांजलि दी।मुखिया भीम लाल रजक ने कहा कि धरती आबा ने अपने त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस से जनजातीय समाज को सम्मान, स्वाभिमान और अधिकार की नई चेतना दी।इनके जन्मदिवस के दिन हमें अलग झारखंड राज्य मिला।जो हमारे लिए गौरव की बात हैं।सरपंच शंकर रजक ने कहा कि वर्तमान अबुआ सरकार धरती आबा के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और हर मंईया के सम्मान, युवाओं के सशक्तिकरण, बच्चों की शिक्षा, और हमारे संस्कृति, भाषा और परंपरा के संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत है।
मौके पर उपस्थित लोगों ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें, जय झारखण्ड के नारे लगाए एवं उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुखिया भीम लाल रजक, सरपंच शंकर रजक, पंचायत सचिव हीरालाल नापित, रोजगार सेवक संजीव प्रसाद, उप मुखिया पति नंदकिशोर कुम्हार, विवेक कुमार रवानी, शिव कुमार महतो, प्रदीप सिंह, ओमप्रकाश महतो एवं अन्य ग्रामीण मौजूद रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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