Home झारखण्ड राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पर धनबाद पुलिस ने आयोजित किया सामूहिक गायन कार्यक्रम
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राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पर धनबाद पुलिस ने आयोजित किया सामूहिक गायन कार्यक्रम

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राष्ट्रभक्ति और एकता का दिया सन्देश, माँ भारती को अर्पित किए श्रद्धा सुमन

धनबाद । राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर में धनबाद पुलिस की ओर से भव्य सामूहिक वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस पदाधिकारियों, जवानों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने एक साथ स्वर मिलाकर माँ भारती को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

जिले के सभी थाना परिसरों में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। पुलिस पदाधिकारियों ने स्कूली बच्चों व नागरिकों के साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया।

इस पावन अवसर पर एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में नई चेतना और ऊर्जा का संचार किया। आज उसी भावना को पुनर्जीवित करते हुए धनबाद पुलिस ने एकता और भाईचारे का संदेश दिया है।

इस अवसर पर राष्ट्र की सुरक्षा, सामाजिक एकता, भाईचारा और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम के अंत में देशभक्ति गीतों की धुनों से वातावरण गुंजायमान हो उठा और सभी ने माँ भारती को नमन किया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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