Home झारखण्ड रांची के शैली ट्रेडर्स समेत 25 ठिकानों पर ईडी का छापा, कफ सिरप मामले में हुई कार्रवाई
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रांची के शैली ट्रेडर्स समेत 25 ठिकानों पर ईडी का छापा, कफ सिरप मामले में हुई कार्रवाई

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रांची । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जानलेवा कफ सीरप की गैरकानूनी खरीद-बिक्री के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे से ईडी की टीमें झारखंड, उत्तर प्रदेश और गुजरात में एक साथ 25 स्थानों पर छापेमारी की। इसमें रांची के प्रसिद्ध व्यवसायिक प्रतिष्ठान शैली ट्रेडर्स का ठिकाना भी शामिल है, जिसके जरिए झारखंड में इस कफ सीरप का बड़ा कारोबार चलने की बात सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, अहमदाबाद और रांची में एक साथ छापे डाल रही हैं। इस कार्रवाई में उन व्यापारियों को भी निशाने पर लिया गया है, जो इस खतरनाक कफ सीरप की सप्लाई चेन से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा ईडी ने मामले में सीए विष्णु अग्रवाल को भी जांच के दायरे में रखा है।

रांची में ईडी ने व्यापारी शुभम जयसवाल के तुपुदाना स्थित गोदाम और उसके आवास पर भी तलाशी ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि शैली ट्रेडर्स के माध्यम से इस अवैध कफ सीरप का सालाना कारोबार पांच करोड़ रुपये से अधिक का है।

ईडी की यह कार्रवाई अवैध दवा कारोबार में शामिल नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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