Home झारखण्ड आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण जिला प्रशासन की प्राथमिकता – उपायुक्त
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आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण जिला प्रशासन की प्राथमिकता – उपायुक्त

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उपायुक्त ने किया बाबूडीह के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण

आंगनबाड़ी को मॉडल आंगनबाड़ी सह प्री नर्सरी स्कूल के तर्ज पर किया जा रहा विकसित

सकारात्मक माहौल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना उद्देश्य

धनबाद : बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बाबूडीह स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेलकूद वाले क्षेत्र, क्लासरूम, किचन, वाशरूम, पोषण वाटिका समेत पूरे परिसर में चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया एवं कमियों को सुधारने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उत्कृष्ट प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जायेगा। इसके लिए पहले बाबूडीह स्थित आंगनबाड़ी को मॉडल आंगनबाड़ी सह प्री नर्सरी के तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके सफलता के बाद जिला के बाकी मॉडल आंगनबाड़ी को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा की आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है,क्योंकि यहां पढ़ने वाले बच्चे देश के भविष्य हैं। इन केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, धात्री और गर्भवती महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।

मौके पर डीएमएफटी टीम लीडर शैलेश तिवारी, डीएमएफटी पीएमयू के सदस्य, सेविका समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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