Home झारखण्ड दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा- ‘उनके विचारों से समृद्ध होगा झारखंड’
झारखण्डराज्य

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा- ‘उनके विचारों से समृद्ध होगा झारखंड’

Share
hemant-soren-tribute-shibu-soren-first-death-anniversary
Share

रांची : झारखंड आंदोलन के महानायक और पद्म भूषण से सम्मानित दिवंगत ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने मोरहाबादी स्थित आवास पर पहुंचकर दिशोम गुरु की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।

इस अवसर पर दिशोम गुरु की धर्मपत्नी रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन मूल्यों को स्मरण किया।

प्रमुख बिंदु :

  • जन-हक के लिए समर्पित जीवन: मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना पूरा जीवन झारखंड के मूलवासियों, आदिवासियों, वंचितों और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा में लगा दिया।
  • वीर शहीदों को नमन: मुख्यमंत्री ने झारखंड को वीरों की भूमि बताते हुए राज्य निर्माण और अधिकारों के संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सपूतों को श्रद्धांजलि दी।
  • आदर्शों पर चलने का संकल्प: उन्होंने कहा कि भले ही दिशोम गुरु भौतिक रूप से साथ न हों, लेकिन उनके विचार और संघर्ष अमर रहेंगे। उनके सपनों के समतामूलक, न्यायपूर्ण और सशक्त झारखंड का निर्माण करना ही सरकार की प्राथमिकता है।
Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...