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पूर्वी टुंडी में अंचल अधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी ने खुद की जनगणना कर किया शुभारंभ।

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In East Tundi, Circle Officer cum Charge Officer started the census by conducting his own census.
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झारखंड में ‘स्व-जनगणना’ (Self-Enumeration) का आगाज : पूर्वी टुंडी में अंचल अधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी ने खुद की जनगणना कर किया शुभारंभ।

धनबाद । झारखंड में शुक्रवार से बहुप्रतीक्षित स्व-जनगणना कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इसी क्रम में धनबाद जिला के पूर्वी टुंडी के अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल ने स्वयं की जनगणना कर इस अभियान का आगाज किया और क्षेत्र की जनता के लिए एक मिसाल पेश की।

जनसंपर्क और जागरूकता

अभियान को गति देने के लिए अंचल अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरे। उन्होंने लटानी पंचायत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मुखिया ऐनुल हक और समाजसेवी अजीत कुमार मिश्रा के आवास पर जाकर उन्हें स्व-जनगणना की बारीकियों से अवगत कराया।

अंचल अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सरल और सुरक्षित है। उन्होंने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में लोग घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं।

कैसे करें स्व-जनगणना? मुख्य बातें :

अंचल अधिकारी ने प्रक्रिया समझाते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की :

स्वयं पंजीकरण : नागरिक पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
पहचान संख्या (Reference Number): प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम एक यूनिक पहचान संख्या जनरेट करेगा।

प्रगणक को जानकारी : भविष्य में जब प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको केवल वह पहचान संख्या उन्हें देनी होगी। इससे समय की बचत होगी और गलती की गुंजाइश कम रहेगी।

महत्वपूर्ण समय सीमा

यह विशेष अभियान सीमित समय के लिए चलाया जा रहा है। नागरिक नीचे दी गई तिथियों का ध्यान रखें :
शुरुआत : 01 मई 2026
अंतिम तिथि : 15 मई 2026

अपील : “स्व-जनगणना राष्ट्र निर्माण में आपकी भागीदारी सुनिश्चित करती है। यह बहुत आसान है, आप इसे स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर से कर सकते हैं। मेरी पूर्वी टुंडी की जनता से अपील है कि 15 मई से पहले अपनी स्व जनगणना कर सकते हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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