Home झारखण्ड अत्यधिक वर्षा के मद्देनजर उपायुक्त ने आम जनमानस को सतर्क व सुरक्षित रहने हेतु की अपील
झारखण्डराज्य

अत्यधिक वर्षा के मद्देनजर उपायुक्त ने आम जनमानस को सतर्क व सुरक्षित रहने हेतु की अपील

Share
Share

धनबाद : अत्यधिक वर्षा के मद्देनजर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन द्वारा आम जनमानस को सतर्क व सुरक्षित रहने हेतु अपील की गई है। अत्यधिक वर्षा के दौरान जिला प्रशासन किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इस दौरान जिला के नागरिकों की भी सहयोग अपेक्षित है। जिला प्रशासन आपसे अनुरोध करता है कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित करें।

भारी बारिश के कारण जलभराव, नदियों और अपवाहों का उफान और बाढ़ आ सकती है। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप निकासी, बिजली की कटौती, आपूर्ति की कमी, यातायात अवरोध और सड़क बंद होना, बुनियादी ढांचे को नुकसान और मलबा हो सकता है।

भारी वर्षा का दौरान क्या करें और क्या न करें :-

भारी वर्षा के दौरान सुरक्षित रहें।

सुरक्षात्मक कपड़े पहनें और घर के अंदर आश्रय लें।

भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें।

तूफान के दौरान संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के तीव्र प्रवाह से बचाने के लिए उनका प्लग निकाल दें।

नदी, नालों, सड़क के अंडरपास, जल निकासी खाइयों, निचले इलाकों और उन क्षेत्रों से बचें जहां पानी इकट्ठा होता है वहां अप्रत्याशित रूप से बाढ़ आ सकती है या पानी ओवरफ्लो हो सकता है।

खराब दृश्यता के कारण भारी बारिश में गाड़ी चलाने से बचें। यदि संभव हो तो, अपनी गाड़ी पार्क करें और तब तक प्रतीक्षा करें जब तक बारिश धीमी न हो जाए या रुक न जाए, उसके बाद ही अपनी यात्रा जारी रखें।

बाढ़ वाली सड़क पर गाड़ी चलाने की कोशिश न करें। पानी दिखने से ज्यादा गहरा और तेज हो सकता है और उसमें मलया, नुकीली या खतरनाक चीजें, गड्डे या बिजली के तार हो सकते हैं।

तेज बहाव या बाढ़ के पानी में फंसने पर वाहन अस्थिर हो सकते हैं या बह भी सकते हैं। वाहन को विस्थापित करने के लिए बस कुछ इंच पानी ही काफी होता है।

बिजली की लाइनों या विद्युत तारों से दूर रहें। यदि आपको कोई बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे तो वहां से दूर रहें और इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

घर के अन्दर जेनरेटर का उपयोग न करें। जेनरेटर से कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है, जो घातक हो सकती है।

बाढ़ का पानी दूषित हो सकता है और उसमें मलबा या तेज बहाव जैसे खतरे छिपे हो सकते हैं।

बाढ़ के पानी में तैराकी न करें। संभावित खतरों के कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में मनोरंजक गत्तिविधियों से बचें।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को नजरअंदाज न करें। स्वच्छ पानी पिएं, सड़क पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतें।

अचानक बाढ़ की चेतावनी एवं अलर्ट तथा मौसम चेतावनियों की जानकारी रखें।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

BCCL की ई-ब्लॉक परियोजना पर भड़के विजय झा, DGMS पर उठाए सवाल

धनबाद में बीसीसीएल की प्रस्तावित ई-ब्लॉक परियोजना पर पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय...