Home झारखण्ड जेएलकेएम नेता सह युवा समाजसेवी दीपक कुमार महतो की सड़क दुर्घटना में मौत।
झारखण्डराज्य

जेएलकेएम नेता सह युवा समाजसेवी दीपक कुमार महतो की सड़क दुर्घटना में मौत।

Share
Share

धनबाद । भिखराजपुर भुइफोड़ हीरक रोड स्थित ढोखरा कहालडीह के पास गुरुवार की रात सड़क दुर्घटना में टाटा सिजुआ 12 नंबर निवासी जेएलकेएम नेता सह युवा समाजसेवी दीपक कुमार महतो (31) की मौत हो गई। बताया जाता हैं कि दुर्घटना के बाद आस – पास के लोग उन्हें निजी अस्पताल ले गए। वहां से चिकित्सकों ने असर्फी अस्पताल रेफर कर दिया।जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दीपक तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी तीन साल की एक बेटी भी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दीपक स्कूटी से बलियापुर की ओर से आ रहे थे। ढोखरा कहालडीह मोड़ के पास पेड़ से टकराने से हादसा हुआ। घटना की सूचना जैसे ही टाटा सिजुआ पहुंची, इलाके में मातम छा गया।दीपक सिजुआ में पिछले कई वर्षों से राज्य स्तरीय करमा प्रतियोगिता का आयोजन किया करते थे।दीपक की मौत से शोक की लहर हैं।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...