Home झारखण्ड झामुमो युवा मोर्चा ने धूमधाम से मनाई दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती।
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झामुमो युवा मोर्चा ने धूमधाम से मनाई दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती।

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जिलाध्यक्ष सूरज महतो ने केक काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर दी श्रद्धांजलि, बोले – गुरुजी का सपना ही हमारा संकल्प

धनबाद : झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती रविवार 11 जनवरी को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक स्थित सभा स्थल पर झारखंड मुक्ति युवा मोर्चा के बैनर तले धूमधाम से मनाई गई।कार्यक्रम की अगुवाई संगठन के जिलाध्यक्ष सूरज महतो ने की।इस अवसर पर उन्होंने केक काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर उपस्थित पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केक खिलाकर जयंती की बधाई दी।जिलाध्यक्ष सूरज महतो ने कहा कि “दिशोम गुरु भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनका संघर्ष और उनके द्वारा दिखाया गया सपना आज भी हमारे दिलों में जीवित है।”
उन्होंने आगे कहा कि “आज जिस झारखंड में हम खुली सांस ले पा रहे हैं,वह दिशोम गुरु शिबू सोरेन का ही परिणाम है।युवा मोर्चा उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए संकल्पित है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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