Home झारखण्ड जेआरडीए की झांकी को मिला प्रथम पुरस्कार।
झारखण्डराज्य

जेआरडीए की झांकी को मिला प्रथम पुरस्कार।

Share
Share

धनबाद । गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गई।

इसमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, शिक्षा विभाग द्वारा प्रोजेक्ट इंपैक्ट, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा लखपति दीदी पर फोकस किया गया। साथ ही टाटा स्टील जामाडोबा, उत्पाद विभाग, गव्य विकास, स्वास्थ्य विभाग व सहकारिता विभाग ने भी राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को दर्शाती झांकी निकाली।

परिवहन विभाग ने रोड सेफ्टी पर, पीएचईडी ने जल जीवन मिशन, झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) ने बेलगड़िया टाउनशिप में विस्थापितों के स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-रिक्शा को दर्शाते हुए आकर्षक झांकी निकाली।

वहीं जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) ने डेवलपमेंट मैटर्स फॉर टुमारो (विकास कल के लिए मायने रखता है) की थीम पर सुंदर झांकी निकाली। जबकि जिला जनसंपर्क कार्यालय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और साहस पर आधारित झांकी निकाली।

इसमें जेआरडीए की झांकी को प्रथम, डीएमएफटी को द्वितीय तथा जनसंपर्क कार्यालय की झांकी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...