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कतरास निवासी मनोज सोनी ने अपने पिता रामचंद्र सोनार का मरणोपरांत किया नेत्रदान

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धनबाद । शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कतरास निवासी मनोज सोनी ने अपने पिता रामचंद्र सोनार का मरणोपरांत अस्पताल के नेत्र विभाग में नेत्रदान किया। मनोज सोनी के मित्र समाजसेवी अंकित राजगढ़िया ने नेत्रदान के लिए परिवार को प्रेरित किया। मनोज सोनी ने बताया कि मरणोपरांत पिता के नेत्रदान से वह गर्व महसूस कर रहे हैं। पिता के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को रोशनी मिलेगी और उनके पिता धरती पर ही मरणोपरांत अमर रह जायेंगे।अंकित राजगढ़िया ने बताया कि नेत्रदान जीवन का सबसे अमूल्य दान है। इसे हर किसी को करना चाहिए। साथ ही अंकित राजगढ़िया ने अस्पताल के सुपरीटेंडेंट डॉक्टर दिनेश गिनडोरिया और डॉक्टर एमके दुबे का विशेष आभार व्यक्त किया। नेत्रदान के बाद अस्पताल के नर्स , वार्ड बॉय और सुरक्षा कर्मी ने नेत्रदानी को सलामी दिया। जो झारखंड में पहली बार किसी के नेत्रदान के बाद हुआ है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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