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मिशन वात्सल योजना के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालन पोषण देखरेख अनुमोदन समिति की बैठक सम्पन्न

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76 आवेदनो को इस योजना के तहत लाभ प्रदान करने हेतु दिया गया अनुमोदन

धनबाद । गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में मिशन वात्सल योजना के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालन पोषण देखरेख अनुमोदन समिति की बैठक समाहरणालय में की गई।

उपायुक्त ने कहा कि प्रयोजन (sponsorship) योजना का लक्ष्य प्रयोजन सहायता से बच्चों को उनके जैविक परिवार से अलग होने से रोकना है, इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रायोजन के माध्यम से उनके जैविक परिवार में भेज कर पुनर्वासित करने में सहायता करना है । इस योजना के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय 72000 से ज्यादा नहीं हो को लाभ दिया जाता है।

इस योजना के तहत प्रत्येक माह 4000 की राशि अधिकतम 3 वर्ष तक देने का प्रावधान है। जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय में प्राप्त आवेदनों को समिति द्वारा जांच किया गया और सर्वसम्मति से 76 आवेदनो को इस योजना के तहत लाभ प्रदान करने हेतु अनुमोदन दिया गया।

इस बैठक में सहायक निदेशक-सामाजिक सुरक्षा, सदस्य, बाल कल्याण समिति, संरक्षण पदाधिकारी गैर संस्थागत देखभाल ,परियोजना प्रबंधक, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्था, प्रभारी मिशनरीज ऑफ चैरिटी धनबाद आदि उपस्थित थे ।

इस योजना के लिए निम्नलिखित मानदंड है :-

  1. एकल माता-पिता खासकर माता या विधवा के बच्चे 2.ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है तथा रिश्तेदार की देखरेख में रहते हैं
  2. ऐसा बच्चा जो संपूर्ण परिवार की देखरेख कर रहा है
  3. माता-पिता द्वारा परित्यक्त ऐसे बच्चे, दादी-दादी या रिश्तेदार की देखरेख में रह रहे हैं
  4. ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कारागृह में है।
  5. ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता असहाय है या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है ।
  6. ऐसे बच्चे जिनका गैरकानूनी उद्देश्य के लिए उपयोग किया गया है या किया जा रहा हैं
  7. एचआईवी /एड्स प्रभावित बच्चें
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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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