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जहाँ होती थी अफ़ीम की खेती, वहाँ उग रहें हैं सरसों

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प्रतापपुर (चतरा) । जिला अंतर्गत प्रतापपुर थाना क्षेत्र के जोगीयारा पंचायत के ग्राम लिदिक में एक समय था जब पोस्ता की खेती बृहद पैमाने पर की जाती थी और आज का समय है, जब इसी क्षेत्र में सरसों के पौधे लहलहा रहे हैं। चतरा पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार लगातार अफीम की खेती विनष्ट करने तथा अफीम से होने वाले दुष्परिणाम के विषय में समाज को जागरूक करने का मुहिम चलाया जा रहा है। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रतापपुर पुलिस के द्वारा प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न गाँव मे जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस क्रम में प्रतापपुर पुलिस के द्वारा जोगियारा पंचायत भवन के पास जागरूकता अभियान चलाया गया तथा लोगों को अफीम के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।साथ ही अफीम प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया।जहां पर वर्तमान में लोग अफीम की जगह पर सरसों की खेती करते हुए दिखाई दिए तथा लोगों ने बताया कि पूर्व में यहाँ अफीम की खेती होती थी, परंतु इससे हमारा ही नुकसान होने लगा हमारे विरुद्ध केस भी हो गया। इससे हमारा समाज भी पिछड़ने लगा, हम लोग अब नशे की खेती को छोड़कर शांति से अब सरसों की खेती कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक के द्वारा नशे की खेती करने एवं करवाने वालों को सख्त हिदायत दिया गया है कि वह गलत कार्य को छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए तथा वैकल्पिक खेती प्रारंभ करें। उन्हें बताया गया कि अफीम की खेती करने से फसल लगाये गए भूमि पर अन्य कोई फसल नहीं हो पाती है।इस पर सरकार द्वारा भी पुर्णतः रोक लगाया गया है। इसके सेवन से नशे की लत लग जाती है तथा मानसिक एवं शारीरिक नुकसान पहुंचता है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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