Home झारखण्ड राजगंज में सड़क हादसे के बाद 9 लाख मुआवजा मृतक पत्नी को भुगतान।
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राजगंज में सड़क हादसे के बाद 9 लाख मुआवजा मृतक पत्नी को भुगतान।

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Rs 9 lakh compensation paid to deceased wife after road accident in Rajganj.
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कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वालों को लेकर चर्चा तेज।

धनबाद । राजगंज थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे के बाद मुआवजा भुगतान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, डोमनपुर में एक भट्ठे से निकल रही मिनी हाईवा वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दुलाल कुम्हार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा गया और स्थानीय लोग आंदोलन पर बैठ गए।
इसी बीच, मामले में कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वालों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।सूत्रों का दावा है कि राजगंज थाना क्षेत्र में आंदोलनकारियों के बीच बैठकर समझौता कराने में सक्रिय दिखा।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार पत्नी फूल कुमारी को कुल 9 लाख रुपये मुआवजा दिया गया, जिसमें 4 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 5 लाख रुपये नकद दिए गए। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह राशि किसने दी?भुगतान करने वाले लोग सामने क्यों नहीं आए?यहां तक कि सार्वजनिक रूप से किसी का नाम भी नहीं लिया गया।स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर पर्दे के पीछे कौन-सा तंत्र काम कर रहा है और किसके इशारे पर पूरा समझौता कराया गया। मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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