Home झारखण्ड केसरगढ़ बस्ती खाली करने को लेकर प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता।
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केसरगढ़ बस्ती खाली करने को लेकर प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता।

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Talks took place between the management and the villagers regarding vacating the Kesargarh colony.
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धनबाद : बीसीसीएल ब्लॉक दो क्षेत्र के एबीओसीपी परियोजना के विस्तारीकरण और भूमिगत आग और भू-धंसान की गंभीर समस्या को देखते हुए केसरगढ़ बस्ती को खाली कराने को लेकर सोमवार को क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई।चूंकि,इसी सप्ताह कोयला राज्यमंत्री का दौरा हैं।जिसको देखते हुए सीएमडी के दिशा-निर्देश पर प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों के साथ वार्ता की गई।
वार्ता में ग्रामीणों के साथ चर्चा हुई।प्रबंधन की ओर से बताया गया कि मुख्यालय प्रबंधन का पूरा जोर इस बात पर है कि परियोजना के विस्तार के लिए केसरगढ़ बस्ती को जल्द से जल्द खाली कराया जाए।इस क्षेत्र में भूमिगत आग हैं और भू – धंसान की संभावना हैं।भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं।

वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि बस्ती खाली करने का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि जमीन के बदले नियोजन (रोजगार) और पुनर्वास का मामला पिछले 32 वर्षों से लंबित हैं। ग्रामीणों ने प्रबंधन के समक्ष मांग दोहराई कि पूर्व में स्वीकृत किए गए 212 पदों पर नियोजन की प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए।बस्ती खाली करने से पहले ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके रहने की सही व्यवस्था और रोजगार का अधिकार सुनिश्चित नहीं होता,तब तक विस्थापन संभव नहीं है।

बीसीसीएल अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से बस्ती को खाली करना अनिवार्य हैं।जबकि,आश्वस्त किया कि 212 नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन रिकॉर्ड्स की जांच और आरआर पॉलिसी के नियमानुसार कार्रवाई करने एवं सुझाव पर पुनर्विचार करेगी।परियोजना के विस्तारीकरण के लिए केसरगढ़ बस्ती का खाली होना तकनीकी रूप से आवश्यक है। लेकिन, 32 सालों से अपनी जमीन के मुआवजे और नौकरी की राह देख रहे ग्रामीणों के कड़े रुख ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।वार्ता से कोई निर्णय नहीं हुआ और प्रबंधन व ग्रामीणों के बीच बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

इस वार्ता में मुख्य रूप से बीसीसीएल की ओर से जीएम (भू-संपदा) अरविंद कुमार सिन्हा, भू-संपदा एडवाइजर नंदलाल अग्रवाल, नोडल अधिकारी डीके सिंह, क्षेत्रीय जीएम कुमार रंजीव, एजीएम पीएसके सिन्हा, भू-संपदा पदाधिकारी सोनम सिन्हा, सर्वे ऑफिसर एके सिंह, सीके सिंह, एल धुर्वे, एपीएम अनील कुमार, सुरेश रवानी उपस्थित रहें और ग्रामीणों की ओर से दिवाकर महथा, सुभाष चंद्र महथा, दिलीप कुमार महथा, शिव शंकर महथा, बिपिन कुमार महथा, बिंदेश्वर महथा, करन कुमार महथा, मिहिर कुमार महथा एवं अन्य मौजूद रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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