Home झारखण्ड ब्रिटिश काल में स्थापित जर्जर रोपवे हटाया गया।
झारखण्डराज्य

ब्रिटिश काल में स्थापित जर्जर रोपवे हटाया गया।

Share
Share

झरिया सिंदरी मुख्य मार्ग पर नुनुडीह दुर्गा मंदिर के समीप उपायुक्त के निर्देश पर ब्रिटिश काल में स्थापित जर्जर रोपवे हटाया गया।

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर झरिया सिंदरी मुख्य मार्ग पर नुनुडीह दुर्गा मंदिर के समीप स्थित एक जर्जर रोपवे के ढांचे को सुरक्षित तरीके से हटाया गया। यह रोपवे विगत 30 से 40 वर्षों से बंद पड़ा था। इसका उपयोग ब्रिटिश रोपवेज नामक कंपनी बालू खनन के स्थान पर सेंड फीलिंग के लिए करती थी। कुछ वर्षों तक बीसीसीएल ने भी इसका उपयोग किया था। ब्रिटिश काल में स्थापित और लौह सामग्री से बना यह अनुपयोगी ढांचा सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए कभी भी घातक साबित हो सकता था।

इस संबंध में उपायुक्त ने कहा कि यह सड़क अती महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र स्कूल बस और वैन इत्यादि से इस सड़क से आवागमन करते हैं। वहीं बड़ी संख्या में वाहन चालक इस सड़क का उपयोग कर सिंदरी, बलियापुर तक जाते हैं। इसका उपयोग चंदनकियारी होते हुए बोकारो, पुरुलिया, रांची, जमशेदपुर आदि के लिए भी किया जाता है।

चुंकि यह रोपवे सड़क को क्रॉस करती थी एवं इसकी हालत जर्जर हो चुकी थी इसलिए कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती थी। इसलिए इसे हटाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिया था। आज रविवार को पहले इसके ढांचे को गैस कटर से काटा गया। तत्पश्चात दो क्रेन की सहायता से इसे सुरक्षित तरीके से डिस्मेंटल किया गया। इसके हटने से अब उक्त सड़क पर वाहन चालक सुगम व सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकते हैं।

उपायुक्त ने कहा कि सड़कों पर ऐसी अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि 21 जनवरी 2026 को इसी मार्ग से ऐसे ही एक पुराने रोपवे को हटाकर वाहनों का आवागमन सुगम एवं सुरक्षित किया गया था।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...