Home उत्तर प्रदेश प्रेम प्रसंग से नाराज एक पिता ने की अपनी नाबालिग बेटी की हत्या।
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प्रेम प्रसंग से नाराज एक पिता ने की अपनी नाबालिग बेटी की हत्या।

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District level committee formed for preservation and digitization of manuscripts.
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बिजनौर । नगीना थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम प्रसंग से नाराज एक पिता ने अपनी ही 17 वर्षीय नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

झूठी आन और शान की खातिर एक पिता ने अपनी ही बेटी की जान ले ली। मामला थाना नगीना क्षेत्र के ग्राम बिन्जाहेड़ी का है, जहां बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की हत्या कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि नजाकत की 17 वर्षीय पुत्री घर में मृत अवस्था में पड़ी थी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सोलंकी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी पिता ने कबूल किया कि उसने तड़के करीब चार बजे सोते समय अपनी बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी।

जांच में सामने आया कि लड़की का गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिससे परिवार नाराज था। कई बार समझाने के बावजूद बेटी के न मानने पर पिता ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। आरोपी के छह बच्चे हैं, जिनमें पांच बेटियां और एक बेटा हैं।मृतका सबसे बड़ी संतान थी। आरोपी पिता एक बेकरी में काम करता है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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