Home उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने सुनी ग्रामीणों की समस्यायें।
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जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने सुनी ग्रामीणों की समस्यायें।

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रायबरेली । जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अमांवा ब्लॉक के बहादुरपुर गांव में आयोजित ग्राम चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना एवं तुरंत निस्तारण के लिए निर्देश दिया।ग्राम चौपाल का मुख्य उद्देश्य “गाँव की समस्या का गाँव में समाधान” के तहत ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना है।जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही त्वरित समाधान किया जाता है,ताकि ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।जिसमें पेंशन (वृद्धा, विधवा, विकलांग) आयुष्मान कार्ड, आवास और राशन कार्ड जैसी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें मौके पर लाभान्वित करना व जनसुनवाई के जरिए जनता और प्रशासन के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ ही विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानना व पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल जैसे मुद्दों पर ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना हैं ।यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर गाँव के निर्माण के लिए की गई है।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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