Home झारखण्ड आवारा पशुओं के सड़कों पर विचरण की समस्या निवारण हेतु उपायुक्त ने गौशाला समिति के साथ की बैठक
झारखण्डराज्य

आवारा पशुओं के सड़कों पर विचरण की समस्या निवारण हेतु उपायुक्त ने गौशाला समिति के साथ की बैठक

Share
Share

सड़कों पर जानबूझकर पशुओं को छोड़ने वालों को दिया जाएगा आर्थिक दण्ड

धनबाद । आवारा पशुओं के सड़कों पर विचरण की समस्या के निवारण के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता गौशाला समिति के साथ बैठक का आयोजन समाहरणालय स्थित सभागार में किया गया।

इस दौरान नगर आयुक्त ने शहर अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में आवारा पशुओं के विचरण से संबंधित जानकारी उपायुक्त को दी। इसके अलावा विभिन्न गौशाला से आए संचालकों ने भी अपने मंतव्य एवं समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखी।

उपायुक्त ने कहा कि पशुओं के सड़कों में विचरण के कारण सड़क जाम के साथ-साथ प्रतिवर्ष कई सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। जिसमें हम कई बहुमूल्य जिन्दगियां खो देते हैं। मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन की भी हानि होती है। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को नजदीकी गौशालाओं में भेजने की कार्यवाही की जाएगी। साथ हीं ऐसे लोग का जो जानबूझकर पशुओं को छोड़ते हैं उन्हे आर्थिक दण्ड भी दिया जाएगा। इसके अलावा आवारा पशुओं को गौशाला में रखने हेतु शेड निर्माण से संबंधित दिशा निर्देश नगर आयुक्त को दिए।

मौके पर नगर आयुक्त रविराज शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार के अलावा विभिन्न गौशाला के प्रतिनिधि मौजूद रहें।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...