धनबाद । झारखण्ड कोलियरी मज़दूर यूनियन बीसीसीएल जोनल उपाध्यक्ष रतिलाल टुडू ने भारत सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किए जाने की खुशी में तिलाटांड़ शक्ति चौक पर मिठाइयां बांटी।उन्होंने कहा कि यह सम्मान हर झारखंडी के लिए गौरवपूर्ण है।महाजनी प्रथा के विरुद्ध संघर्ष, नशा मुक्ति अभियान और अलग राज्य के आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान को आज राष्ट्रीय पहचान मिली है।
दिशाेम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने पर भारत सरकार के निर्णय का स्वागत है। गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने हाशिये पर खड़े आदिवासी समाज को देश की मुख्यधारा में आवाज दी। गुरुजी की जीवन-यात्रा और योगदान को देखते हुए भारत रत्न की मांग आगे भी जारी रहेगी।
भारत के जंगल की आवाज को उन्होंने देश के सर्वोच्च सदन में उठाया। उनका जीवन, उनका संघर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में हाशिये पर जीवन जीने को मजबूर आदिवासी – मूलवासी समाज को आवाज दिया। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे, वे भारत रत्न के सच्चे मायनों में हकदार हैं। किन्तु यह सच्चाई है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्य धारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है |
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए भारत सरकार का हार्दिक आभार।
यह सम्मान झारखंड की माटी, गुरुजी के दशकों लंबे संघर्ष और जनसेवा के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
मौके पर सोनोत संताल समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन, बीससूत्री अध्यक्ष एगारकुंड आलमगीर अशरफ, टुंडी विधायक प्रतिनिधि बिरजू सोरेन,बाघमारा प्रखंड सचिव मनसाराम मुर्मू,शेखर मुर्मू,लखन टुडू,नरेश महतो,राजकुमार महतो, मनोज मरांडी,आनंद मरांडी,मनोज मुर्मू आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहें।
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