Home उत्तर प्रदेश स्कूली वाहनों पर कार्रवाई के विरोध में पूर्व सांसद ने दिया ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम।
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स्कूली वाहनों पर कार्रवाई के विरोध में पूर्व सांसद ने दिया ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम।

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Former MP gave memorandum against action on school vehicles, 15 days ultimatum.
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अलीगढ़ (यूपी)। आरटीओ द्वारा स्कूली वाहनों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में पूर्व सांसद चौधरी विजेंद्र सिंह ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने यह ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा।

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि आरटीओ विभाग द्वारा स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले छोटे वाहन जैसे ई-रिक्शा, टेंपो और बसों को चलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत फेमिलीज स्कूल और लेडी फातिमा स्कूल सहित कई स्कूलों से जुड़े वाहनों को आरटीओ द्वारा सीज किया जा रहा है और उन पर चालान कर लगभग 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ये वाहन अधिकतर गरीब और मजदूर वर्ग के लोग चलाते हैं, जो अपने परिवार का पालन-पोषण इन्हीं के माध्यम से करते हैं। इस कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

चौधरी विजेंद्र सिंह ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वाहन संचालक 15 दिनों के भीतर अपनी गाड़ियों की फिटनेस पूरी करवा लेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया कि यदि इस दौरान राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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