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देश में ई-गतिशीलता, उद्योग और कृषि क्षेत्र में विद्युतीकरण को बढ़ावा दे रही है सरकार : लोकसभा में विद्युत मंत्रालय

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कार्यक्रमों के माध्यम से परिवहन, उद्योग और कृषि सहित प्रमुख क्षेत्रों में विद्युतीकरण तथा ऊर्जा-दक्ष प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा दे रही है। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

भारत ऊर्जा परिदृश्य रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, वर्तमान में देश की कुल अंतिम ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है। सरकार बिजली की उपलब्धता, पारेषण ढांचा मजबूत करने और भंडारण प्रणालियों के विस्तार के माध्यम से इस हिस्सेदारी को और बढ़ाने पर काम कर रही है।

विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पहल और योजनाएं:

  • परिवहन और ई-गतिशीलता:
    • विद्युत मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग अवसंरचना (2024) तथा बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन स्थापना (2025) संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
    • भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पीएम-ईबस सेवा योजना के माध्यम से ई-गतिशीलता को गति दी जा रही है।
  • उद्योग और एमएसएमई (ADEETIE योजना):
    • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए जुलाई 2025 में ₹1,000 करोड़ के परिव्यय के साथ ADEETIE योजना शुरू की गई, जो 14 ऊर्जा-गहन क्षेत्रों के 60 क्लस्टरों को कवर करती है।
    • ऊर्जा दक्षता उपायों को लागू करने के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 5% तथा मध्यम उद्यमों को 3% ब्याज अनुदान (Interest Subvention) दिया जा रहा है।
    • ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा PAT और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) का संचालन भी किया जा रहा है।
  • कृषि एवं वितरण अवसंरचना:
    • पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत कृषि पंपों के विद्युतीकरण और सौरकरण को प्रोत्साहन।
    • संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत राज्यों और डिस्कॉम (DISCOMs) को वितरण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में सहायता।
  • ऊर्जा भंडारण (BESS) एवं ग्रिड मजबूती:
    • 13.8 जीडब्ल्यूएच (GWh) क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) के लिए ₹3,760 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना लागू।
    • पीएसडीएफ (PSDF) के तहत 15 राज्यों और एनटीपीसी (NTPC) के लिए 30 GWh क्षमता की BESS परियोजनाओं हेतु ₹5,400 करोड़ की वित्तीय सहायता स्वीकृत।
    • ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC), रियल टाइम मार्केट (RTM) और थर्मल पावर प्लांट के लचीले संचालन से नवीकरणीय ऊर्जा का ग्रिड में एकीकरण आसान बनाया जा रहा है।
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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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