रांची । ब्राह्मण महासभा के द्वारा झारखण्ड धार्मिक न्यास बोर्ड को पुनर्गठित करने की मांग किया गया।झारखंड ब्राह्मण महासभा के संयोजक मनोज कुमार पाण्डेय ने राज्य के महामहिम राज्यपाल से अनुरोधपूर्वक कहा कि झारखंड धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन जब से हुआ हैं और पूरे राज्य में जहां-जहां इनके द्वारा कमेटी बनाई गई है।सभी विवाद के घेरे में है। कारण इस बोर्ड में राजनीतिक क्षेत्र के लोगों को शामिल किया गया हैं।श्री पाण्डेय ने कहा कि बोर्ड का गठन असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक ढंग से किया गया है।इस कमेटी द्वारा न ही राज्य के मंदिरों की संपत्ति की सुरक्षा और ना ही पारदर्शी ढंग से प्रबंधक द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के लिए कोई कार्य किया गया है।झारखंड राज्य में 678 मंदिर और मठ चिन्हित किये गए हैं।मंदिर,मठ के जमीन की सुरक्षा और मंदिरों का जीर्णोद्धार का भी सवाल भी उठता रहा है। ब्राह्मण महासभा ने राज्यपाल से मांग किया है कि सभी मंदिरों की सुरक्षा, मंदिर की संपत्ति और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संबंधित मंदिरों के स्थानीय पुजारी एवं स्थानीय समाज के व्यक्तियों की देख – रेख में दिया जाए। साथ ही धार्मिक न्याय बोर्ड का गठन नए सिरे से किया हो।पहाड़ी मंदिर में मंदिर समिति और न्यास बोर्ड द्वारा गठित कमेटी का आपस में विवाद और स्थानीय लोगों द्वारा जिस तरीके से विरोध किया जा रहा हैं।ऐसा लगता है ये लोग कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।इसकी जांच महामहिम राज्यपाल द्वारा विशेष कमेटी गठन कर पूरे राज्य में जितने भी मंदिर और मठ में कमेटी बनी और बनाई गई है आमदनी एवं खर्चा के अलावा जमीनों से संबंधित सभी तरह का जांच करवाई जाए। इस संबंध में ब्राह्मण महासभा प्रतिनिधिमंडल बहुत जल्द महामहिम राज्यपाल से मिलकर जानकारी देने का कार्य करेगी।
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