Home झारखण्ड धनबाद डीआरएम ने किया अंडरपास पुल का निरीक्षण, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
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धनबाद डीआरएम ने किया अंडरपास पुल का निरीक्षण, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

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Dhanbad DRM inspected underpass bridge, heard problems of villagers
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धनबाद (झारखंड) : सोमवार को धनबाद डीआरएम अखिलेश मिश्रा बड़की बौआ रेलवे अंडरपास पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। चूंकि, ग्रामीण अंडरपास पुल की समस्या एवं आवागमन में असुविधा को लेकर लगातार मांग करते रहें हैं। जिसको संज्ञान में लेते हुए धनबाद डीआरएम ने मामले का जायजा लिया एवं ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने विशेष कर रेलवे फाटक 4/A/E/2 को अंडरपास पुल निर्माण पूर्ण होने तक खोलने की मांग की एवं टू लेन अंडरपास अथवा फूट ओवरब्रिज की बात को रखा। ग्रामीण अंडरपास पुल में जलजमाव और अन्य समस्याओं पर स्थाई समाधान चाहते हैं। जबकि, धनबाद डीआरएम का कहना हैं कि सभी समस्याओं को सुनते हुए विचार किया जायेगा और यथासंभव हल निकाला जायेगा। ग्रामीणों ने धनबाद डीआरएम को ज्ञापन भी सौंपा एवं स्थाई समाधान को लेकर पहल करने का निवेदन किया। इस दौरान अन्य रेल पदाधिकारी भी साथ में मौजूद रहें। वहीं, पंचायत के मुखिया भीम लाल रजक, पंचायत समिति सदस्य शंकर रजक एवं ग्रामीणों में दयानंद महतो, संतोष रवानी, दीपक कुमार महतो, सरवर आलम, देवनारायण महतो, संतोष कुम्हार, रवि राज प्रसाद, नरेश रजक, शिव कुमार महतो व अन्य उपस्थित रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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