Home मध्य प्रदेश नगर परिषद खनियांधाना की बैठक में दुकानों, लंबित नामांतरण और कर्मचारियों के वेतन पर तकरार
मध्य प्रदेशराज्य

नगर परिषद खनियांधाना की बैठक में दुकानों, लंबित नामांतरण और कर्मचारियों के वेतन पर तकरार

Share
Share

नगर परिषद खनियांधाना की बैठक में गरमागरम मुद्दे : दुकानों, लंबित नामांतरण और कर्मचारियों के वेतन पर तकरार

खनियांधाना (मप्र) । नगर परिषद खनियांधाना की एक महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम और गरमागरम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक मई 2025 के बाद पहली बार हुई, जिसमें सबसे ज्यादा बहस मायापुर रोड पर बनी नई दुकानों, लंबित नामांतरण और नगर परिषद कर्मचारियों के रुके हुए वेतन को लेकर हुई। पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि मायापुर रोड पर जिस जगह दुकानें बनी हैं, वहाँ पहले एक पार्क था और ये दुकानें उनकी सहमति के बिना बनाई गई हैं। इस कारण दुकानों की नीलामी और स्वीकृति का फैसला अगली बैठक तक टाल दिया गया है।
इसके अलावा, पार्षदों ने एक साल से अधिक समय से रुके हुए नामांतरण के मामलों पर भी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी तनातनी देखने को मिली, जहाँ पार्षदों ने सवाल उठाया कि पिछले 6-7 महीनों से वेतन क्यों नहीं मिल रहा है। बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष के केबिन में लगी नई एसी भी चर्चा का विषय बन गई, जिस पर पार्षदों ने सवाल उठाए। इन मुद्दों के अलावा, बैठक में नए नल लगाने, साप्ताहिक बाजार शुरू करने, और वार्डों में सड़क, नाली, और बिजली के खंभों के निर्माण जैसे अन्य एजेंडों पर भी विचार किया गया।

संवाददाता : मुकेश प्रजापति (खनियांधाना, मप्र)

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...