Home झारखण्ड न्यू जूनियर एफसी क्लब भूली ने डीएफसी क्लब पांडरपाला को हराया
झारखण्डराज्यस्पोर्ट्स

न्यू जूनियर एफसी क्लब भूली ने डीएफसी क्लब पांडरपाला को हराया

Share
Share

बौआ कला : बौआ कला उत्तर पंचायत के काड़ामारा बस्ती ऊपर टोला में स्थित ग्राउंड में संथालडीह क्लब द्वारा तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया।गुरुवार को फाइनल मैच न्यू जूनियर एफसी क्लब भूली और डीएफसी क्लब पांडरपाला के बीच खेला गया।जिसमें न्यू जूनियर एफसी क्लब भूली ने डीएफसी क्लब पांडरपाला को पेनाल्टी में 1-0 से हराया।इस टूर्नामेंट में कुल 24 टीमों ने भाग लिया।विजेता टीम को मुखिया भीम लाल रजक एवं उप विजेता टीम को पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मीनारायण रजक उर्फ शंकर रजक ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।आयोजन कमिटी टीम को मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य के द्वारा जर्सी दिया गया।कमिटी में प्रदीप मुर्मू, सुबोध सोरेन, राहुल कर्मकार, कार्तिक महतो, प्रदीप मुर्मू, बलराम हेंब्रम एवं अन्य रहें।वहीं मौके पर प्रकाश रवानी, शिव कुमार महतो, प्रदीप सिंह एवं अन्य ग्रामीण मौजूद रहें।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...