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कोलकाता से 350 हाजियों का जत्था रवाना।

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A group of 350 Hajis left from Kolkata.
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झारखंड से गये खिदमतगारों ने उठाई रांची से एम्बार्केशन पॉइंट की मांग।

कोलकाता/रांची : कोलकाता हज हाउस से 350 हाजियों का जत्था जेद्दा (सऊदी अरब) के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, कल्याण मंत्री हफीजुल अंसारी के प्रतिनिधि अकरम हुसैन, सरफे आलम, एडवोकेट मुमताज खान, हज सीईओ आफताब अहमद खुर्शीद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। झारखंड से गए खिदमतगार 17 अप्रैल से ही हाजियों की सेवा में लगे हुए हैं।जिनमें मो. लतीफ आलम, अरशद जिया, ईमान अहमद, अफजल खान और मो. इमरान शामिल हैं। खिदमतगारों ने हाजियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव सहयोग किया। मो. लतीफ आलम ने बताया कि कोलकाता को एम्बार्केशन पॉइंट बनाए जाने के कारण झारखंड के हाजियों को भाषा, आवागमन और हज हाउस में ठहरने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि अगले वर्ष से झारखंड सरकार रांची को ही एम्बार्केशन पॉइंट बनाए, ताकि हाजियों को सुविधा मिल सके और उनकी यात्रा सुगम हो सके।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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