Home झारखण्ड भगवान परशुराम ज्ञान,शक्ति और तपस्या के प्रतीक हैं – ब्राह्मण महासभा
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भगवान परशुराम ज्ञान,शक्ति और तपस्या के प्रतीक हैं – ब्राह्मण महासभा

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Lord Parshuram is a symbol of knowledge, power and penance - Brahmin Mahasabha
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रांची । रोशन मिश्रा के आवासीय कार्यालय चुटिया में ब्राह्मण समाज के मार्गदर्शक एवं आस्था के प्रतीक भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के चरण में पुष्प अर्पित माल्या अर्पण कर जनकल्याण हेतु जड़ी बूटी द्वारा हवन कर और आपस में प्रसाद वितरण कर बड़ी धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के संयोजक मनोज कुमार पांडेय ने भगवान परशुराम के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब पृथ्वी पर अत्याचारी लोगों का अत्याचार ऋषि मुनियों पर में बढ़ गया था।तब भगवान परशुराम ने भगवान शंकर का घोर तपस्या कर अस्त्र प्राप्त अत्याचारियों का 21 बार पृथ्वी पर वध किए थे।पांडेय ने कहा कि भगवान परशुराम सप्त चिरंजीवियों में से एक थे।वह अमर है, चिरंजीव है।जो आज भी हमारे बीच में है।हम इनका निश्चल भाव से स्मरण करते हैं,तो सारा कष्ट हरण होता है।भगवान परशुराम का जन्म विश्व कल्याण के लिए ही हुआ है।जो आज भी हमारे बीच तपस्या में लीन टांगीनाथ में दर्शन दे रहे हैं और हम सबको आशीर्वाद दे रहे हैं। ब्राह्मण समाज महिला शाखा के ललिता ओझा ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने वाले भगवान परशुराम आज भी हम लोगों के बीच है।उनका एहसास आशीर्वाद के रूप में बराबर मिल रहा है।अक्षय का मतलब होता है,कभी झय (नाश) न होना। मृत्युंजय झा ने कहा कि भगवान परशुराम भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और करण जैसे महान योद्धाओं को भी शिक्षा दी थी।जन्मोत्सव कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के संयोजक मनोज कुमार पांडेय,मिथिलांचल के ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय झा, अंजनीकांत झा ,रोशन मिश्रा ,पवन कुमार पांडेय, पंडित बैजनाथ तिवारी, अमित पांडेय, दिलीप पांडेय, महिला सेल के अध्यक्षा ललिता ओझा,रीना देवी रेनू पांडेय, प्रीति दुबे एवं अन्य ने संबोधित किया।जबकि सुभाष कुमार झा, जय नाथ गोस्वामी ,उत्तम कुमार पांडेय, पवन पांडेय, ऋषभ मिश्रा सहित अन्य उपस्थित रहें।धन्यवाद ज्ञापन रोशन मिश्रा एवं संचालन सरिता पांडेय ने किया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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