Home बिहार जन्म के साथ ही मिलेगा बर्थ सर्टिफिकेट, 2 फरवरी से नई व्यवस्था लागू।
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जन्म के साथ ही मिलेगा बर्थ सर्टिफिकेट, 2 फरवरी से नई व्यवस्था लागू।

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धनबाद : एसएनएमएमसीएच में अब नवजात शिशु के जन्म के साथ ही बर्थ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जाएगा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.के. गिंदौरिया के निर्देश पर एमआरडी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नई व्यवस्था 2 फरवरी से लागू होगी।

अस्पताल प्रबंधन ने यह फैसला बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और परेशानियों को देखते हुए लिया है। अब तक परिजनों को प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। साथ ही पैसे की मांग और दलालों की सक्रियता की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जन्म के तुरंत बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर बर्थ सर्टिफिकेट जारी किया जाए, ताकि नवजात के परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो।

नई व्यवस्था से नवजात के परिजनों को कई तरह की सहूलियत मिलेगी। जन्म के साथ बर्थ सर्टिफिकेट मिलने से नामांकन, आधार कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण जैसी जरूरी प्रक्रियाएं आसानी से पूरी हो सकेंगी। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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