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छाताबाद भू-धंसान : बीसीसीएल प्रबंधन और सीआईएसएफ की कार्यशैली सवाल, सांसद ढुल्लू महतो कांग्रेस के निशाने पर

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जयराम महतो का अल्टीमेटम : मुआवजा न मिलने पर बीसीसीएल मुख्यालय के घेराव और भूख हड़ताल की चेतावनी

कतरास/धनबाद : कोयलांचल के कतरास स्थित छाताबाद में हुए भयावह भू-धंसान के बाद मामला अब केवल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने उग्र राजनीतिक रूप ले लिया है। बेघर और डरे-सहमे ग्रामीणों की मांगों के बीच बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन, सीआईएसएफ (CISF) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

बीसीसीएल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल

रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के झारखंड प्रभारी के. राजू, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और बेरमो विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने छाताबाद का दौरा किया।

  • मुआवजे पर वार्ता की पहल: आउटसोर्सिंग परियोजना स्थल पर जारी अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए के. राजू ने कहा कि प्रभावितों को उचित न्याय और मुआवजा दिलाने के लिए बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल से वार्ता की जा रही है, ताकि समस्या का ठोस समाधान निकाला जा सके।
  • असुरक्षित खनन का आरोप: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला उत्खनन के बाद संबंधित स्थलों को असुरक्षित छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण निर्दोष ग्रामीणों के जान-माल पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।

केंद्र सरकार और धनबाद सांसद पर साधा निशाना

बेरमो विधायक अनूप सिंह ने केंद्र सरकार और धनबाद के भाजपा सांसद ढुल्लू महतो पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय और खदानें केंद्र के अधीन आती हैं, ऐसे में क्षेत्र में अवैध उत्खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की सीधी जिम्मेदारी केंद्र व स्थानीय सांसद की है। उन्होंने ग्रामीणों को अपने अधिकारों के लिए डटकर आवाज उठाने की सलाह दी।

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जयराम महतो ने दी बीसीसीएल मुख्यालय के घेराव की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो भी धरनास्थल पहुंचे और प्रभावितों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन की लापरवाही की कीमत स्थानीय लोग चुका रहे हैं। जयराम महतो ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा नहीं मिला, तो धनबाद स्थित बीसीसीएल मुख्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन किया जाएगा और वे स्वयं भूख हड़ताल पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सुरक्षा और जवाबदेही पर गहराता संकट

छाताबाद की इस घटना ने एक बार फिर धनबाद कोयलांचल में अवैध खनन, भूमिगत सुरक्षा, पुनर्वास नीति और प्रशासनिक निगरानी में चूक जैसे बुनियादी सवालों को सतह पर ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद भू-धंसान के वास्तविक कारणों का क्या खुलासा होता है, लेकिन फिलहाल यह मुद्दा प्रभावितों के हक के साथ-साथ एक बड़े राजनीतिक संग्राम में बदल चुका है।

स्थल पर अंबा प्रसाद, अनुपमा सिंह, जिला अध्यक्ष संतोष सिंह, अवध नारायण प्रसाद, एके झा, रामप्रीत यादव, रवि चौबे, शकील अहमद, भोला राम, पंकज वर्मा, अशोक सिंह और शौकत खान समेत कई अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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