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Mines & Minerals Bill 2026 : JCMU ने दी चक्का जाम की चेतावनी, रतिलाल टुडू बोले -‘ईंट से ईंट बजा देगा मजदूर वर्ग’

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‘खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026’ के खिलाफ JCMU का बड़ा ऐलान: कानून वापस न लेने पर होगी अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी

धनबाद: केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘खान एवं खनिज संशोधन विधेयक, 2026’ को लेकर झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (JCMU) की बीसीसीएल जोनल समिति ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। सिंदरी स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित एक आपात बैठक के दौरान यूनियन ने इस विधेयक को राज्य की प्राकृतिक संपदा पर सीधा डाका और श्रमिक हितों पर बर्बर हमला करार दिया।

मुख्य बिंदु और आंदोलन की रूपरेखा:

  • आर्थिक नाकेबंदी का अल्टीमेटम: JCMU के जोनल उपाध्यक्ष रतिलाल टुडू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस कानून को तुरंत वापस नहीं लिया, तो मजदूर, किसान, रैयत, विस्थापित और स्थानीय मूलवासी पूरे राज्य में खनिजों का परिवहन रोककर अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी करेंगे।
  • संसाधनों के कॉर्पोरेट अधिग्रहण का विरोध: जोनल अध्यक्ष उमाशंकर चौहान की अध्यक्षता और जोनल सचिव रामू मंडल के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिजों पर कॉर्पोरेट घरानों का जबरन कब्जा कराने का प्रयास कर रही है।
  • सड़क से खदान तक विरोध: यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि राज्य के अस्तित्व और पहचान से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए खदानों से लेकर सड़कों तक आक्रामक आंदोलन चलाएगा।

एकजुटता और संघर्ष का संकल्प

यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सभी खदान श्रमिकों, पदाधिकारियों, विस्थापितों और आम जनता से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लामबंद होने की अपील की गई। बैठक का समापन झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और मजदूर वर्ग के सम्मान की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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