Home झारखण्ड दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न दिया जाना चाहिए – रतिलाल टुडू
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दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न दिया जाना चाहिए – रतिलाल टुडू

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'Dishom Guru' Shibu Soren should be awarded the Bharat Ratna – Ratilal Tudu
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धनबाद (झारखंड) : झारखण्ड मुक्ति मोर्चा बाघमारा प्रखण्ड समिति की एक बैठक कतरास झामुमो कार्यालय में प्रखण्ड अध्यक्ष धीरेन रवानी की अध्यक्षता मे आयोजित की गई। जिसमें बूथ लेवल एजेंट BLA 2 की महत्ता एवं मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए अविलंब BLA 2 फार्म जमा करने का आग्रह किया गया तथा राष्ट्रपति भवन में नागरिक अलंकरण समारोह में झारखंड आंदोलन के महानायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित करने के लिए धन्यवाद दिया। शिबू सोरेन को यह सम्मान आदिवासी समाज के अधिकारों, सामाजिक न्याय और झारखंड के जल-जंगल-जमीन के लिए उनके आजीवन संघर्ष और योगदान के लिए दिया गया।
झामुमो के वरीय नेता रतिलाल टुडू ने भारत सरकार से माँग करते हुए कहा कि शिबू सोरेन के मरणोपरांत मिले इस सम्मान से पूरे झारखंड राज्य में उत्साह है। लेकिन, झारखण्डवासी व शिबू सोरेन को चाहने वाले आज भी मानव प्रयास में “सर्वोत्कृष्ट स्तर के निष्पादन तथा असाधारण सेवा” के लिए भारत सरकार से शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित करने की माँग करते हैं। इस मौके पर प्रफुल्ल मंडल, रौनक सिन्हा, अकरम रजा, वकील अंसारी एवं अन्य मौजूद रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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