Home झारखण्ड खोरठा दरपन के पाँचवें अंक का हुआ विमोचन
झारखण्डराज्य

खोरठा दरपन के पाँचवें अंक का हुआ विमोचन

Share
Share

रामगढ़ : खोरठा दरपन के प्रधान कार्यालय लखी रानी निवास में करमा परब के अवसर पर डिजिटल पत्रिका खोरठा दरपन के पाँचवें अंक का लोकार्पण किया गया। जल, जंगल, जमीन एवं माय-माटी-मानुस को समर्पित यह पत्रिका खोरठा भाषा, साहित्य और संस्कृति की छमाही पत्रिका है। इसमें खोरठा स्मृति, संस्कृति, प्रकृति, पर्व-त्योहार से जुड़े आलेख, गीत, कविता, निबंध, कहानी, लेख, एकांकी आदि प्रकाशित होते हैं।
पत्रिका के प्रधान संपादक संदीप कुमार महतो तथा सह संपादक राधा गोविन्द विश्वविद्यालय खोरठा विभागाध्यक्ष ओहदार अनाम अजनबी हैं। वहीं संरक्षक मंडल में रांची विश्वविद्यालय, राँची के स्नातकोत्तर खोरठा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी शशि, खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् अध्यक्ष डॉ. बी.एन. ओहदार, साहित्यकार दिनेश दिनमणि, डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर तथा कोयलांचल विश्वविद्यालय हिंदी सहायक प्राध्यापक व टीआरएल के समन्वयक डॉ. मुकुंद रविदास शामिल हैं।
सलाहकार समिति में डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. अहिल्या कुमारी, डॉ. रितु घांसी, डॉ. कृष्णा गोप, डॉ. अजय कुमार, डॉ. ज्ञान रंजन, कंचन बरनवाल, खोरठा साहित्यकार एवं गीतकार विनय तिवारी, मानिक कुमार, बसंत कुमार, अजय कुमार दास, विनोद कुमार महतो, अशोक कुमार महतो एवं आनंद ज्ञान जी शामिल हैं।
लोकार्पण के अवसर पर संयुक्त रूप से ओहदार अनाम अजनबी और संदीप कुमार महतो ने बताया कि खोरठा भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए यह डिजिटल पत्रिका लगातार प्रयासरत है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी यह पत्रिका बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है, विशेषकर उनके लिए जो खोरठा भाषा विषय लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। खोरठा साहित्यकार एवं गीतकार विनय तिवारी ने कहा कि संदीप कुमार महतो एवं अनाम अजनबी का प्रयास काफी सराहनीय है।हमारी भसाएं हामरे राज्य की धरोहर है और पूर्ण रूप से परिपक्व है। हमारा उत्तरदायित्व बनता है कि हम उन्हें न सिर्फ संजोएं बल्कि उनका प्रयोग नए से नए आयामों में भी करें।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...