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ग्रामीण एकता मंच ने सौंपा मांगपत्र, मांगे पूरी नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

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Gramin Ekta Manch submits memorandum; warns of agitation if demands are not met.
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धनबाद (झारखंड) : ईस्ट बसुरिया कोलियरी क्षेत्र में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी सत्यम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को ग्रामीण एकता मंच के बैनर तले ग्रामीणों ने मांगपत्र सौंपा। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय प्रभावित एवं विस्थापित रैयतों को रोजगार में प्राथमिकता दिया जाए। मौके पर कंपनी की ओर से उपस्थित आरके सिंह, डब्लू आलम, राम सिंह एवं अन्य ने आश्वस्त किया कि ग्रामीण एकता मंच की मांगों को कंपनी प्रबंधन के साथ रखेंगे एवं विचार कर यथासंभव कार्रवाई होगी। हालांकि, वर्तमान में अधिकांश कर्मी स्थानीय ग्रामीण ही हैं। जबकि, अन्य को रोजगार भी दिया जाना हैं। जिसको लेकर प्रक्रिया जारी हैं।
बता दें कि बड़की बौआ, सतीटांड़ गड़ेरिया, निछानी एवं रंगूनी बस्ती सहित आस – पास के ग्रामीण एकजुट हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए बताया कि अगर स्थानीय विस्थापित – प्रभावित ग्रामीणों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिलती है, तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मांग पत्र सौंपने में मुखिया भीम लाल रजक, दयानंद महतो, ध्रुव महतो, दीपक महतो, रंजीत प्रसाद, गोपी निषाद, संतोष रवानी, सरवर आलम, संतोष साव, शिव कुमार महतो एवं अन्य दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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