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मांडर सरगांव निवासी सरस्वती लकड़ा चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से बरामद

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दिमागी रूप से अस्वस्थ सरस्वती भटक कर पहुंच गई थी चेन्नई

पति कृष्णा उरांव के साथ ट्रेन से वापस गांव लौट रही है सरस्वती

रांची । मांडर के सरगांव निवासी सरस्वती लकड़ा की सकुशल घर वापसी हो रही है।दिमागी रूप से अस्वस्थ सरस्वती विगत 13 जनवरी से गुम थी।उसकी गुमशुदगी के संबंध में पति कृष्णा उरांव ने मांडर थाना में 16 जनवरी को लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराया था।दरअसल सरस्वती भटक कर पहले मुंबई और फिर वहां से चेन्नई पहुंच गई थी।जब इसकी सूचना स्थानीय विधायक सह राज्य की कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को मिली,तो उन्होंने बगैर देरी किए सरस्वती की सकुशल घर वापसी के लिए प्रयास तेज किया।सरस्वती लकड़ा के मामले में श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से संपर्क साधने के साथ मंत्री ने चेन्नई पुलिस के साथ इस संबंध में बात की।श्रम विभाग और चेन्नई पुलिस की सक्रियता और सरस्वती के द्वारा मोबाइल फोन पर दी गई सूचना के आधार पर सरस्वती तक पहुंचने में सफलता मिली।कांग्रेस नेत्री सरिता तिग्गा ने भी इस मामले में गंभीरता के साथ पहल की।सरस्वती लकड़ा चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से अपने पति कृष्णा उरांव के साथ ट्रेन के माध्यम से रांची के लिए रवाना हो चुकी है।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सरस्वती की सकुशल वापसी में सहयोग करने वालों के प्रति आभार जताया है।साथ ही अपील करते हुए कहा है कि सावधान रहें और कभी भी किसी के लापता होने पर इसकी सूचना अविलंब नजदीकी थाना को जरूर दें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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